के के यदुवंशी
इंदौर, बिजलपुर। सुखदेव भक्ति फाउंडेशन के तत्वाधान में बिजलपुर धाम में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ।
कथा के प्रथम दिवस पर नर्मदापुरम से पधारीं कथा प्रवक्ता अनन्या शर्मा ने कहा कि श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का समुद्र है। उन्होंने कहा,जितना चिंतन-मनन करेंगे, इसमें से उतने ही ज्ञान रूपी रत्न निकलेंगे। यह कथा मोक्षदायिनी और सारे ताप-संताप का नाश करने वाली है। भगवान इसमें शब्द रूप में विराजमान हैं।
अनन्या शर्मा ने शुकदेव जी महाराज के जन्म की कथा सुनाते हुए बताया कि भगवान भोलेनाथ द्वारा माता पार्वती को सुनाई जा रही अमरकथा को गुफा में मौजूद तोते के अंडे से जन्मे शुकदेव जी ने पूर्ण रूप से श्रवण किया था। बाद में वे महर्षि वेदव्यास की पत्नी के गर्भ से प्रकट हुए और 12 वर्ष तक गर्भ में ही भगवान शिव की आराधना की।
गुरु महिमा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि सतगुरु का चुनाव पानी छानकर पीने जैसा है। सतगुरु ईश्वर के निकट ले जाते हैं, जबकि गलत गुरु पुण्य कर्मों का नाश कर देते हैं।
कलयुग में भक्ति की प्रधानता बताते हुए उन्होंने कहा कि आज व्यक्ति ज्ञान और वैराग्य से दूर है, पर भक्ति में अटूट विश्वास रखता है। इस दौरान धुंधकारी की कथा का भी श्रवण कराया गया।
कथा के बीच अनन्या शर्मा द्वारा गाए भजनों पर श्रोता भाव-विभोर होकर झूम उठे। प्रथम दिवस की कथा का समापन सुखदेव गहलोत व परिवार द्वारा आरती के साथ किया गया। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित रहे

