jhankar
ब्रेकिंग
इंदौर वंदे मातरम विवाद: कांग्रेस की दो महिला पार्षदों पर FIR दर्ज, 4 घंटे की पूछताछ के बाद बड़ी कार्... युद्ध की मार से महंगी हुई MP की नमकीन, 10-20 रुपए प्रति किलो तक बढ़े दाम ‘महंगाई बढ़ रही पर सैलरी नहीं…’ पीथमपुर में मजदूरों की हड़ताल तेज बंदर भगाने की कोशिश बनी जानलेवा, हाईटेंशन तार से टकराया पाइप, जिंदा जला कर्मचारी कांग्रेस की दो महिला पार्षदों के खिलाफ एफआईआर, बीएनएस धारा 196 के तहत मामला दर्ज मेडिकल जांचों और दवाइयों की कीमतों में भारी फर्क, प्रदेश में चार गुना तक अंतर, हाईकोर्ट ने लिया संज्... पीएम मोदी ने कर्नाटक में श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का किया भव्य उद्घाटन साइकिल से माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचीं दिव्या, काठमांडू से शुरु की थी यात्रा पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी, छह की मौत और 15 घायल बिहार में नए सियासी युग का उदय: सम्राट चौधरी ने 24वें मुख्यमंत्री पद की ली शपथ

ईरान-सऊदी विदेश मंत्रियों की फोन पर हुई बातचीत, द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा

तेहरान। ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के बीच हाल ही में फोन पर बातचीत हुई है, जिसमें दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की गई। तेहरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से यह बातचीत की। हालांकि, इस वार्ता के समय को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी साझा नहीं की गई है।

- Install Android App -

दूसरी ओर, सऊदी अरब के सरकारी मीडिया के मुताबिक, प्रिंस फैसल बिन फरहान को बुधवार शाम कतर, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन और तुर्किये के विदेश मंत्रियों के भी फोन आए थे। हालांकि, इस आधिकारिक बयान में ईरान के साथ हुई बातचीत का उल्लेख नहीं किया गया। गौरतलब है कि ईरान और सऊदी अरब लंबे समय से मध्य पूर्व में क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर प्रतिस्पर्धा करते रहे हैं। इस प्रतिस्पर्धा के पीछे राजनीतिक और आर्थिक हितों के साथ-साथ धार्मिक मतभेद भी एक बड़ी वजह रहे हैं। सऊदी अरब में सुन्नी मुस्लिम बहुसंख्यक हैं, जबकि ईरान में शिया समुदाय प्रमुख है, जिससे दोनों देशों के बीच वैचारिक टकराव भी बना रहता है।

संबंधों में साल 2023 में आया सुधार
दोनों देशों के संबंधों में 2023 में तब सुधार आया था, जब करीब सात साल बाद कूटनीतिक रिश्ते बहाल किए गए। इससे पहले रियाद द्वारा शिया धर्मगुरु शेख निमर अल-निमर को फांसी दिए जाने के बाद दोनों देशों के बीच संबंध टूट गए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा बातचीत क्षेत्र में बदलते हालात के बीच दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।