jhankar
ब्रेकिंग
भाजपा के विशेष आमंत्रित सदस्य ने होर्डिंग लगाकर कांग्रेस सांसद को दी जन्मदिन की बधाई हंडिया में रेत की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर जांच का इंतजार, मोबाइल में रॉयल्टी दिखाकर निकल रहे वाहन? मध्यप्रदेश में आज का मौसम- बंगाल की खाड़ी मे सिस्टम एक्टिव, 31 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसा... लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज का पूरा जीवन चरित्र - भाभी के ताने से लेकर गौरक्षा के लिए बलिदान तक सागर जहरीली शराब कांड: 36 मौतों के बाद बड़ा खुलासा सरकारी कामकाज अब होगा और आसान, कोषालय में हर गुरुवार को लगेगा IFMS शिविर निर्माण कार्य शुरू करने से 30 दिन पहले सूचना देना अनिवार्य, नहीं तो 3 माह की जेल या जुर्माना ग्रामीण क्षेत्रों में अब 25 दिन में मिलेगा गैस सिलेंडर, पहले 45 दिन लगता था समय आज का सुविचार - जीवन में सबसे बड़ी संपत्ति धन नहीं, बल्कि अच्छे संबंध हैं टिमरनी पुलिस की तत्परता से 11 गोवंश सुरक्षित, गौसेवकों ने किया सम्मान

हंडिया : नेमावर में वैशाख पूर्णिमा पर आध्यात्मिक चेतना का संगम, मां नर्मदा और संत सिंगाजी महाराज की महिमा पर हुआ चिंतन!

नेमावर (जिला देवास)। वैशाख पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुर्जर समाज धर्मशाला, नेमावर में शुक्रवार को भव्य आध्यात्मिक एवं साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मां नर्मदा एवं संत सिंगाजी महाराज के जीवन, दर्शन और लोककल्याणकारी विचारों पर विस्तार से चर्चा हुई। आयोजन डॉ. अमर सिंह यादव, कन्नौद के संयोजन में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रख्यात हिंदी साहित्यकार, ललित निबंधकार एवं शिक्षाविद् डॉ. श्रीराम परिहार (खंडवा) रहे। उन्होंने अपने ओजस्वी उद्बोधन में मां नर्मदा की आध्यात्मिक महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था की जीवंत धारा हैं। साथ ही उन्होंने संत सिंगाजी महाराज के जीवन आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

उनके विचारों से पूरा सभागार भक्तिमय और भावविभोर वातावरण में डूब गया। कार्यक्रम के दौरान संत परंपरा, भारतीय संस्कृति और समाज में नैतिक मूल्यों की आवश्यकता पर भी विशेष चर्चा हुई।

- Install Android App -

इस अवसर पर बहन दीप्ति परमेश्वरी दीदी (अखिल भारतीय गुर्जर महासभा, मध्यप्रदेश) भोपाल एवं श्री महेश कुमार यादव (उपसंचालक, सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग, सीहोर) ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने समाज में शिक्षा, सामाजिक एकता और युवा जागरूकता को समय की आवश्यकता बताया।

कार्यक्रम में गुर्जर समाज के वरिष्ठजन, युवा एवं महिलाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। मंच संचालन वरिष्ठ शिक्षक शिवप्रसाद माल्या द्वारा किया गया।

पूरे आयोजन के दौरान आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता का संदेश देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने इसे समाज को जागरूक और संगठित करने वाला प्रेरणादायी आयोजन बताया।