हरदा, : फौती नामांतरण के एक मामले में तहसीलदार न्यायालय के समक्ष कथित रूप से मिथ्या शपथ पत्र और गलत जानकारी प्रस्तुत करना भारी पड़ गया। मामले की अपील पर सुनवाई करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) हरदा अशोक कुमार डहेरिया ने तहसीलदार हरदा द्वारा पारित आदेश को निरस्त कर दिया। साथ ही संबंधित मामले में प्राथमिकी अथवा अन्य सुसंगत दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मामला ग्राम खेड़ीमेहमूदाबाद स्थित खसरा नंबर 121/22, क्षेत्रफल 870 वर्गफुट के भूखंड से जुड़ा है। यह भूखंड राजस्व अभिलेखों में सोमतीबाई पत्नी गजानंद विश्नोई के नाम दर्ज था। सोमतीबाई का निधन 17 मार्च 2023 को हुआ था।
उनकी मृत्यु के बाद पुत्र अनिल ने स्वयं को मृतका का एकमात्र उत्तराधिकारी बताते हुए नामांतरण करा लिया। इसके बाद मृतका के पति गजानंद और पुत्र सुनील ने एसडीएम न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वे भी मृतका के विधिक वारिस हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर एसडीएम अशोक कुमार डहेरिया ने तहसीलदार हरदा के पूर्व आदेश को खारिज करते हुए उसे निरस्त कर दिया। साथ ही गलत जानकारी और मिथ्या शपथ पत्र प्रस्तुत किए जाने के मामले में नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
फौती नामांतरण के इस मामले में एसडीएम के आदेश से राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों और जानकारी की सत्यता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

