राजगढ़ में सेल्यूलाइटिस का बढ़ता खतरा: एक महीने में 70 से ज्यादा मरीज, संक्रमण बढ़ने पर काटना पड़ा पैर का पंजा
राजगढ़। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में सेल्यूलाइटिस नामक बैक्टीरियल संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले एक महीने में जिले में 70 से ज्यादा मरीजों के सामने आने की जानकारी है। जिला अस्पताल के विशेषज्ञों के अनुसार वास्तविक संख्या इससे अधिक भी हो सकती है।
मामूली चोट से शुरू हुआ संक्रमण, काटना पड़ा पंजा
सेल्यूलाइटिस संक्रमण अक्सर मामूली कट, खरोंच, चोट, खुजली या त्वचा पर बने छोटे घाव से शुरू होता है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर यह संक्रमण तेजी से फैल सकता है और गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
ब्यावरा निवासी 51 वर्षीय मनोज पालीवाल के पैर में गिट्टी चुभने से मामूली चोट लगी थी। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य चोट समझा, लेकिन कुछ दिनों बाद पैर में सूजन और मवाद बढ़ने लगा। संक्रमण बढ़ने के साथ पैर का रंग लाल से नीला और फिर काला-हरा होने लगा। संक्रमण पंजे तक फैलने के बाद मरीज की जान बचाने के लिए डॉक्टरों को पैर का पंजा काटना पड़ा।
कई मरीजों में मामूली चोट के बाद संक्रमण
जिले में सामने आए मामलों में कई मरीजों को शुरुआत में मामूली चोट लगी थी। किसी को गिरने से चोट लगी तो किसी के हाथ-पैर में कट या खरोंच हुई। कुछ मामलों में खुजली के कारण बने घाव से भी संक्रमण फैलने की बात सामने आई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, समय पर उपचार नहीं मिलने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और प्रभावित हिस्से के ऊतक खराब होने की स्थिति में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
डायबिटीज मरीजों को विशेष सावधानी की जरूरत
विशेषज्ञों के अनुसार डायबिटीज से पीड़ित मरीजों में ऐसे संक्रमण के गंभीर होने का खतरा अधिक रहता है। इसके अलावा कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
सेल्यूलाइटिस के संभावित लक्षणों में त्वचा पर लालपन, सूजन, दर्द, प्रभावित स्थान पर गर्माहट और बुखार शामिल हैं।
डॉक्टरों की अपील—छोटी चोट को भी नजरअंदाज न करें
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि शरीर पर लगी किसी भी चोट, कट या घाव को मामूली समझकर नजरअंदाज न करें। यदि घाव के आसपास लालपन, सूजन, दर्द, गर्माहट या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सकीय जांच कराएं।
समय पर पहचान और उपचार से संक्रमण को गंभीर स्थिति तक पहुंचने से रोका जा सकता है।

