स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिल, जनसुनवाई में पहुंच रही शिकायतों की भरमार
हरदा। जिले में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। मंगलवार को जिला पंचायत में आयोजित जनसुनवाई में बिजली विभाग से जुड़ी 50 से अधिक शिकायतें पहुंचीं। इनमें बड़ी संख्या स्मार्ट मीटर की रीडिंग और बढ़े हुए बिजली बिलों से संबंधित रही।
बिजली कंपनी की ओर से उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए 14 मई 2025 से संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। कंपनी का दावा है कि शिविरों में उपभोक्ताओं की शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है। इसके बावजूद जनसुनवाई में बड़ी संख्या में बिजली संबंधी शिकायतें पहुंचना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
उपभोक्ताओं की परेशानी—रीडिंग समझ नहीं आ रही
उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद घर पर मीटर रीडिंग लेने वाला कर्मचारी नहीं आता। बिल सीधे मोबाइल पर पहुंच जाता है। ऐसे में कई उपभोक्ताओं को यह समझना मुश्किल हो रहा है कि उनके मीटर में कितनी खपत दर्ज हुई और उसी आधार पर बिल कैसे तैयार हुआ।
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शिकायत करने के बाद बिल में सुधार होने के बजाय कई मामलों में अगला बिल और अधिक आने की बात भी उपभोक्ताओं द्वारा कही जा रही है।
1200 रुपये के बिल के बाद 24 हजार से ज्यादा का बिल
खिरकिया वार्ड क्रमांक-9 निवासी अरुण भाटी ने बताया कि उन्होंने घर के लिए नया बिजली कनेक्शन लिया था। कनेक्शन गलत नाम से जारी हो गया और इसके बाद करीब 1200 रुपये का बिल जारी किया गया।
शिकायत करने पर कनेक्शन का नाम तो सुधारा गया, लेकिन बाद में 24,384 रुपये का बिल जारी हो गया। अरुण का आरोप है कि मीटर में दर्ज खपत भी सही नहीं दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि शिविर और बिजली कार्यालय में कई बार
शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
जनसुनवाई में पहुंच रहे उपभोक्ता
बिजली बिलों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने के बाद अब सवाल यह है कि यदि विभागीय शिविरों में शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, तो उपभोक्ताओं को अपनी समस्या लेकर जिला स्तर की जनसुनवाई तक क्यों पहुंचना पड़ रहा है?
स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में बढ़ रही शंकाओं को दूर करने के लिए विभाग को मीटर की रीडिंग, बिल की गणना और शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की जरूरत है।
अधिकारी बोले—जांच के बाद होगी कार्रवाई
बिजली विभाग के डीईई संजय यादव ने बताया कि शिविरों में अधिकांश शिकायतों का समाधान किया जाता है। जिन शिकायतों का वहां समाधान नहीं हो पाता, उपभोक्ता उन्हें जनसुनवाई में लेकर आते हैं।
खिरकिया की शिकायत के संबंध में उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में पहली बार आया है। संबंधित जेई से शिकायत की जानकारी लेकर जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

