मकडा़ई एक्सप्रेस 24 हरदा । जिले में दो महीने पुराने सड़क हादसे में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। छत पर स्कूल वैन और बाइक की टक्कर में गंभीर रूप से घायल हुई 4 वर्षीय मासूम छात्रा शिवांगी जाट की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में करीब दो माह तक जांच की और जांच के बाद वैन चालक और वैन मालिक दोनों को आरोपी बनाया है। पुलिस ने हादसे में शामिल ईको वैन को भी जब्त कर लिया है।
क्या था पूरा मामला…?
घटना 14 जुलाई 2026 की है। जानकारी के अनुसार शिवांगी जाट अपने परिजनों के साथ बाइक पर सवार थी। तभी तेज रफ्तार स्कूल वैन ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वैन में सवार शिवांगी सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान शिवांगी की मौत हो गई।
परिजनों की मौत की जानकारी मिली तो वे थाने पहुंचे। तब उन्हें पता चला कि वैन चालक की लापरवाही से होने की जानकारी मिली तो वे थाने पहुंचे। यहां उन्हें पता चला कि वैन चालक पहले भी घटना की रिपोर्ट दर्ज करा चुका था और खुद आवेदक बन गया था।
इसके बाद मृतका के माता-पिता और परिजनों सहित ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसपी से शिकायत की। उन्होंने हादसे के जिम्मेदार चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नर्मदा क्षेत्रीय जाट समाज विकास समिति ने भी एसपी को ज्ञापन सौंपा। समिति ने जिम्मेदार को सजा दिलाने की मांग उठाई। 14 जुलाई को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने जांच एसआई अजय रघुवंशी को सौंपी।
जांच में क्या निकला? पुलिस ने क्या कार्रवाई की….?
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने वैन चालक नारायण चंदेल और मालिक सत्यनारायण चंदेल को आरोपी बनाया है। साथ ही बाइक चालक के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। मामले में स्कूल वैन चालक को बचाने के लिए राजनैतिक हस्तक्षेप भी हुआ था, लेकिन पुलिस ने तथ्यों के आधार पर सच्चाई उजागर की।
इस मामले में कौन-कौन सी धाराएं लग सकती हैं…?
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत केस दर्ज किया है। पहले यह भारतीय दंड संहिता (भादवि / IPC) कहलाती थी।
1. लापरवाही से वाहन चलाना:
– BNS धारा 281 / IPC धारा 279: सार्वजनिक मार्ग पर इतनी तेज और लापरवाही से वाहन चलाना जिससे मानव जीवन को खतरा हो।
– सजा: 6 माह तक कारावास या जुर्माना।
लापरवाही से गंभीर चोट पहुंचाना:
– BNS धारा 125(a,b) / IPC धारा 337, 338: लापरवाही भरे कार्य से किसी को चोट पहुंचना।
– सजा: 2 साल तक कारावास।
लापरवाही से मौत होना (सबसे गंभीर धारा):
– BNS धारा 106(1) / IPC धारा 304A: लापरवाही से वाहन चलाने से किसी की मौत हो जाना। यह गैर-जमानती अपराध है।
– सजा: 5 साल तक की कैद और जुर्माना। अगर हिट एंड रन का मामला हो तो 10 साल तक की सजा।
मोटर व्हीकल एक्ट की धाराएं:
– MV Act 184, 134(a)(b) – खतरनाक तरीके से ड्राइविंग और दुर्घटना के बाद न रुकना।
क्या जिला प्रशासन चेता है
इस घटना के बाद जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग और आरटीओ यातायात विभाग की जिम्मेदारी बनती है। सभी स्कूल शिक्षा संस्थानो के वाहनो की फिटनेस ,वाहन चालक का लायसेंस,वाहन का बीमा, स्कूल प्रबंधन द्वारा हर छात्र का एक्सीडेंटल बीमा कराए सभी की भी जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

