जीवन में दो चीजें कभी मत भूलिए – एक वो समय जब आपके पास कुछ नहीं था और दूसरों ने आपका साथ दिया, और दूसरा वो समय जब दूसरों के पास कुछ नहीं था और आपने उनका साथ दिया था।
10 सितंबर हमें यही याद दिलाता है कि जिंदगी का असली हिसाब बैंक बैलेंस से नहीं, आपके व्यवहार से होता है। आज आप जिस पद पर हैं, जिस हाल में हैं, वह कल बदल भी सकता है। इसलिए घमंड कभी मत कीजिए।
नदी का पानी मीठा इसलिए होता है क्योंकि वह हमेशा बहता रहता है और सबको देता रहता है। वहीं तालाब का पानी सड़ जाता है क्योंकि वह एक जगह रुका रहता है। इसी तरह जो व्यक्ति ज्ञान, प्रेम और मदद बांटता रहता है, वह हमेशा जीवित रहता है लोगों के दिलों में।
आज का दिन एक नई शुरुआत है। कल जो हुआ उसे भूलकर, आज किसी एक व्यक्ति की मदद कीजिए, किसी एक चेहरे पर मुस्कान लाइए। यही आपका सबसे बड़ा पुण्य होगा।
याद रखिए – बड़ा बनना अच्छी बात है, पर अच्छा बनना बड़ी बात है।

