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राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर हुई गतिविधियॉ

चलो नज़रिया बदलें…. के नारे के साथ आत्महत्या पर चुप्पी तोड़ने का लगाया नारा

हरदा : स्थानीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था आईटीआई में गुरूवार को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता गतिविधि का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आईटीआई प्राचार्य उदय सिंह राठौर ने युवाओं से चर्चा करते हुए ब्रम्हाण्ड से लेकर एक व्यक्ति तक का उदाहरण देते हुए अनमोल जीवन का महत्व बताया। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत उन्होने आईटीआई के सभी छात्र-छात्राओं को मित्रम बनने के लिए प्रेरित किया।

जिला चिकित्सालय की क्लिनिकल साईकोलॉजिस्ट गीतांजली परमार ने कहा कि मानसिक चिंता, तनाव, और दुःख अस्थाई होते हैं इनके चलते किसी भी प्रकार का स्थाई निर्णय नहीं लेना चाहिए। किसी भी प्रकार की मानसिक स्वास्थ्य समस्या होने पर जिला चिकित्सालय के मनकक्ष में संपर्क किया जा सकता है। मनकक्ष में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित सेवाएं प्रदान की जाती हैं ।

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उमंग काउंसलर  पारूल काशिव ने आत्महत्या की रोकथाम से संबंधित गेटकीपर माड्यूल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यदि हमारे परिवार का कोई सदस्य, कोई दोस्त या परिचित व्यक्ति के व्यवहार में परिवर्तन दिखाई दे, वह अचानक गुमसुम रहने लगे, उदास, अलग थलग रहने लगे, जीवन के प्रति निराशाजनक बातें करने लगे तब इन संकेतों के प्रति सचेत होना चाहिए।

मित्रम माड्यूल के अनुसार हमें उसे आत्महत्या की ओर बढ़ने से रोकने का प्रयास करना चाहिए। यहॉ मित्रम से तात्पर्य एम मीट अर्थात मित्रवत् मिलते रहें, आई आईडेन्टीफाई अर्थात् संकेतों को पहचानें, टी टॉक निडर होकर बात करें, आर रिफर सही जगह मदद के लिए भेंजें, ए एसिस्ट उसके साथ बने रहें और एम मोटिव सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित करें। सही समय पर सही मदद करना ही मित्रम का मुख्य उद्देश्य है।

राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम जिला समन्वयक आशीष साकल्ले ने बताया कि किशोर अवस्था से युवा अवस्था में शारिरिक और मानसिक तीव्र परिवर्तन होते हैं, इस दौरान चिंता, तनाव और दुःख का आवेग भी तेज रहता है। कई बार क्रोध, भावावेश में गलत निर्णय ले लिये जाते हैं जिनसे बचकर कैरियर बनाने, सपनो का उड़ान देने और परिवार को सहारा देने में अपनी उर्जा लगानी चाहिए।

इस दौरान जिला रोजगार अधिकारी एल.एस. सिलोटे, डॉ. पी.एन. छलौत्रे, आईटीआई के  नरेन्द्र बिले, नर्सिंग ऑफीसर  अंकित सिंह, मीरा महोबिया, उमंग काउंसलर  दीपक गौर,  अजय मंडलेकर, गणेश सराठे सहित आईटीआई के छात्र-छात्रा एवं स्टॉफ मौजूद रहे।