तेज ध्वनि से दुकानों के कांच टूटने और सामान गिरने का पुलिस ने किया उल्लेख, अनुमति और वाहन दस्तावेजों की भी जांच में सामने आई कमियां
टिमरनी। जुलूस के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाना दो संचालकों को भारी पड़ गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो डीजे वाहनों को जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को कस्बा टिमरनी में निकलने वाले जुलूस के दौरान डीजे वाहनों से निर्धारित मानकों से अधिक तेज ध्वनि में डीजे बजाया जा रहा था।
पुलिस के मुताबिक, डीजे की तेज आवाज से लोगों को परेशानी हो रही थी। बाजार क्षेत्र में तेज ध्वनि के कारण दुकानों के कांच टूटने और दुकानों में रखे बर्तन गिरने की स्थिति भी सामने आई। पुलिस ने बताया कि दोनों डीजे संचालकों द्वारा बिना अनुमति डीजे बजाया जा रहा था।
मामले में थाना टिमरनी पुलिस ने डीजे वाहन क्रमांक MP 41 GA 0151 के चालक अजय भाटी निवासी सोडलपुर तथा डीजे वाहन क्रमांक MP 46 G 0696 के संचालक राजेन्द्र नायर के विरुद्ध अपराध क्रमांक 493/26 के तहत धारा 223(A), 324(3) BNS एवं 7/15 मध्यप्रदेश कोलाहल अधिनियम में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया है।
पुलिस ने दोनों डीजे वाहनों को जब्त कर लिया है।
डीजे वाहनों के कागजों में भी मिली कई कमियां
पुलिस की जांच में डीजे वाहन क्रमांक MP 41 GA 0151 के संबंध में रजिस्ट्रेशन, परमिट, पीयूसी और फिटनेस प्रमाण-पत्र नहीं पाए जाने की बात सामने आई। वाहन के दाएं-बाएं नंबर भी नहीं पाए गए तथा मूल बॉडी में परिवर्तन किया गया था। चालक के पास व्यवसायिक ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं पाया गया।
वहीं वाहन क्रमांक MP 46 G 0696 में परमिट नहीं पाया गया। पुलिस के अनुसार रजिस्ट्रेशन संबंधी उल्लंघन, वाहन की मूल बॉडी में परिवर्तन तथा पीयूसी और फिटनेस प्रमाण-पत्र नहीं पाए गए। दोनों वाहनों का लंबे समय से टैक्स जमा नहीं होने की बात भी पुलिस ने बताई है। इसके बाद प्रकरण में मोटर व्हीकल एक्ट की संबंधित धाराओं का इजाफा किया गया।
पहले ही दी जा चुकी थी चेतावनी
पुलिस के अनुसार, एसडीएम टिमरनी द्वारा शांति समिति एवं डीजे संचालकों की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि बिना अनुमति डीजे नहीं बजाया जाए। डीजे संचालकों को एक-एक लाख रुपये के बंधपत्र से पाबंद भी किया गया था। आदेश की अवहेलना होने पर बंधपत्र की राशि वसूल करने तथा आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की चेतावनी दी गई थी।
पुलिस ने सभी डीजे संचालकों को समझाइश दी है कि वाहन के संपूर्ण दस्तावेज और आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद ही डीजे का संचालन किया जाए।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
कार्रवाई में एसडीओपी टिमरनी आकांक्षा तलया, विवेचक निरीक्षक मुकेश गौड़, उनि संतोष श्रीवास्तव, उनि प्रियंका पाठक, उनि रामविलास करपे, प्रधान आरक्षक उदय सिंह, प्रधान आरक्षक 237 राहुल वर्मा, आरक्षक अर्जुन लोवंशी, आरक्षक अभिलेष, शैलेन्द्र राजपूत सहित थाना टिमरनी स्टाफ की भूमिका रही।
पुलिस कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई।

