jhankar
ब्रेकिंग
धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई भगवान अग्रसेन महाराज की जयंती ! हरदा के सालासर एग्रोवेट प्लांट में तेंदुए की तलाश जारी, पगमार्क मिले; ड्रोन से भी की गई सर्चिंग हंडिया में गरबा प्रतियोगिता और भारत माता की आरती के लिए सुरक्षा व्यवस्था की मांग, बजरंग सेना ने थाना... विश्व शांति और सर्वजीव कल्याण की मंगल भावना के साथ 16 दिवसीय श्री शांतिनाथ महामंडल विधान प्रारंभ अनुसूचित जाति जनजाति संयुक्त मोर्चा संगठन का हुआ सिराली में गठन अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सशक्त वाहिनी कक्षाओं में खेल और रचनात्मक गतिविधियां आयोजित शतरंज की बिसात पर 178 खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा, वैभव तोमर ओपन वर्ग में प्रथम जानिए शारदीय नवरात्रि का पहला दिन के बारे में हंडिया थाने में नवरात्रि गरबा और दशहरा पर्व को लेकर बैठक, DJ बजाने के लिए लेनी होगी अनुमति हंडिया में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पड़ी भारी! मुख्य सड़क पर बसें खड़ी करने वाले 2 चालकों पर FIR

रबी सिंचाई से पहले नहरों की मरम्मत पूर्ण करने के निर्देश

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने माचक उपनहर और मुहाल माइनर का किया निरीक्षण

हरदा : जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने 09 अक्टूबर को माचक उपनहर और मुहाल माइनर का निरीक्षण किया। इस दौरान वर्षाकाल में क्षतिग्रस्त हुई नहरों, पुलिया और हेड रेगुलेटर की स्थिति का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने रबी सिंचाई शुरू होने से पहले नहरों की मरम्मत का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

- Install Android App -

निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग, नर्मदापुरम के मुख्य अभियंता आर.आर. मीणा, तवा परियोजना मंडल नर्मदापुरम की अधीक्षण यंत्री प्रतिभा सिंह, माचक उपनहर जल संसाधन उपसंभाग खिड़कियां के अनुविभागीय अधिकारी रोहन विलियम्स, विद्युत एवं यांत्रिकी उपसंभाग हरदा के अनुविभागीय अधिकारी महेंद्र ओगले तथा उपयंत्री प्रेमित कुमार पाटिल उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने मुहाल माइनर की चैन 72 पर स्थित पुलिया, चैन 0 पर बने हेड रेगुलेटर तथा माचक उपनहर में वर्षाकाल के दौरान क्षतिग्रस्त हुए हिस्सों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नहरों की वर्तमान स्थिति का अवलोकन कर आवश्यक मरम्मत कार्यों के संबंध में जानकारी ली गई।

मुख्य अभियंता आर.आर. मीणा एवं अधीक्षण यंत्री प्रतिभा सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि रबी सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नहरों की मरम्मत का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, ताकि सिंचाई के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।