हरदा : मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में सुझाव एवं विचार प्राप्त करने हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक शनिवार को पीएम श्री महाविद्यालय के सभागृह में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उच्च स्तरीय समिति के सदस्य श्री बुधपाल सिंह ने की। बैठक के दौरान श्री बुधपाल सिंह ने कहा कि देेश में अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के बजाय सभी नागरिकों के लिये एक समान नागरिक कानून होना चाहिए।
यूसीसी का उद्देश्य कानून के समक्ष समानता, महिलाओं को समान अधिकार एवं लैंगिक न्याय सुनिश्चित करना है। समान नागरिक संहिता से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार होगा, जिससे संविधान में निहित समानता के सिद्धान्त को मजबूती मिलेगी।
श्री सिंह ने आगे कहा कि समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर समाज के सभी वर्गों एवं आमजन की राय लेना तथा उसे विधिवत दर्ज करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होने कहा कि इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य विभिन्न समुदायों के विचारों, सुझावों एवं मतों को संकलित कर उन्हें नीति निर्माण की प्रक्रिया में शामिल करना है।
उन्होने बताया कि यूसीसी की अवधारणा कोई नहीं है, बल्कि भारतीय संविधान के नीति निदेशक तत्वों के अंतर्गत अनुच्छेद 44 में इसका उल्लेख किया गया है। इस अवसर पर कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन, पुलिस अधीक्षक श्री शशांक, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती अंजली जोसेफ सहित जनप्रतिनिधि, समाज के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि एवं समाज सेवी मौजूद थे।
बैठक में श्री बुधपाल सिंह ने आगे कहा कि महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा एवं उनके सशक्तिकरण की दिशा में यूसीसी एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होने कहा कि एक सशक्त, समाज एवं एकीकृत राष्ट्र निर्माण के लिये समान कानूनों पर व्यापक सहमति आवश्यक है।
यूसीसी के अंतर्गत विवाह, सभी लिंगों के लिये समान सम्पत्ति अधिकार, जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल है। उन्होने उपस्थितजनों को बताया कि यूसीसी से संबंधित सुझाव एवं विचार मध्यप्रदेश शासन के पोर्टल ucc.mp.gov.in पर भी दर्ज कराए जा सकते है।
श्री सिंह ने अधिक से अधिक नागरिकों से इस विषय पर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आव्हान किया। बैठक के दौरान श्री सिंह ने सभागार में उपस्थित सभी समुदायों, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों को खुलकर अपनी बात रखने अवसर प्रदान किया। ओपन माइक सत्र के माध्यम से उपस्थित सदस्यों के सुझाव,
विचार एवं मत सुने गए तथा उन्हें विधिवत अभिलेखित किया गया। श्री सिंह ने कहा कि इस परामर्श प्रक्रिया का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग की भावनाओं, अपेक्षाओं एवं सुझावों को संकलित कर एक समावेशी एवं न्याय संगत व्यवस्था की दिशा में सार्थक पहल करना है।
बैठक के अंत में कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने कहा कि किसी कानून के क्रियान्वयन के पूर्व व्यापक जनपरामर्श की यह प्रक्र्रिया अत्यंत सराहनीय है। उन्होने कहा कि आमजन, सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न समुदायों से सुझाव प्राप्त कर कानून निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करता है।
कलेक्टर ने बैठक में उपस्थित सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का अपना बहूमूल्य समय देकर चर्चा में सहभागिता करने के लिये आभार व्यक्त किया। उन्होने कहा कि बैठक के दौरान प्राप्त सभी सुझावों, विचारों एवं अभिमतों को विधिवत मिनिट्स में दर्ज कर संबंधित उच्च स्तरीय समिति को प्रेषित किया जाएगा, ताकि उन्हें आगामी प्रक्रिया में समुचित विचारार्थ शामिल किया जा सके।

