श्योपुर में कलेक्टोरेट पर प्रदर्शन करने के मामले में कार्रवाई, विधायक सहित 17 कांग्रेसियों पर एफआईआर
श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में सड़कों पर आवारा घूमने वाले गौवंश को घेरकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने श्योपुर विधायक बाबू जंडेल सहित 17 लोगों पर शनिवार को प्रकरण दर्ज किया गया है। श्योपुर विधायक बाबू जंडेल ने गत 11 दिसम्बर को बंद पड़ी गौशालाओं और सड़कों पर घूमने वाले आवारा गौवंश को घेरकर कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया था। इस दौरान कांग्रेसियों ने आवारा मवेशियों को जबरन कलेक्ट्रेट के भीतर प्रवेश कराने का प्रयास किया। पुलिस को मुख्य गेट की तालाबंदी करनी पडी थी। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। जिलाधीश अर्पित वर्मा ने 10 अक्टूबर 2025 को आदेश जारी करते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अन्तर्गत कलेक्ट्रेट परिसर से 100 मीटर की परिधि के आस-पास शांति, विधि व्यवस्था एवं सुरक्षा बनाए रखने के साथ ही किसी प्रकार के जुलूस, धरना प्रदर्शन, सभा, नारेबाजी, ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध लगाया हुआ था, लेकिन प्रतिबंध के बाद भी कांग्रेसियों द्वारा प्रदर्शन किया। इसी के चलते कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्यवाही की गई है।
इन नेताओं पर दर्ज हुई प्रथमिकी
कोतवाली पुलिस द्वारा प्रतिबंध के बाद भी कलेक्ट्रेट कार्यालय पर आवारा मवेशियों के साथ प्रदर्शन करने के मामले को लेकर श्योपुर विधायक बाबू जंडेल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मांगीलाल फौजी, युवा कांग्रेस अध्यक्ष रामभरत मीणा, पूर्व नपाध्यक्ष दौलतराम गुप्ता, कांग्रेस कार्यकर्ता जसवंत बछेरी सहित 10-12 अन्य खिलाफ बीएनएस की धारा 223 ए के तहत मामला दर्ज किया गया है।

