हरदा। आज इंदौर रोड स्थित पुलिस लाइन के पास हरदा ट्रैफिक पुलिस के द्वारा लगभग 20 गाड़ी मालिकों से रेत के वजन के नाम पर जुर्माना वसूल किया गया। जारी प्रेस विज्ञप्ति में सुहागमल पंवार कोषाध्यक्ष डंपर वेलफेयर संघ हरदा ने यातायात पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब कि वर्तमान में हरदा जिले में रेत का व्यवसाय करने वाले 12 टायर गाड़ी डंपर मालिक शासन के नियमों का पालन करते हुए रेत का परिवहन नर्मदापुरम जिले की तवा नदी से कर रहे हैं।
वहां से ठेकेदार के द्वारा रेत को घन मीटर में नाप कर रॉयल्टी के साथ दिया जा रहा है। जिसकी चेकिंग के लिए खनिज विभाग की परमिशन से तीन स्थानों पर नाके लगे हुए हैं।
बावजूद इसके पुलिस द्वारा रेत की भरी हुई गाड़ियों का वजन करा कर जुर्माना वसूल किया गया जो कि नियम अनुसार सही नहीं है।
डंपर निर्माता कंपनी द्वारा बनाई गई ओरिजिनल बॉडी जिसकी हाइट 66 इंच है। जिसको आरटीओ द्वारा फिटनेस एवं परमिट दिया गया है। उसी डंपर बॉडी की क्षमता के अनुसार रेत ठेकेदार जिसको मध्य प्रदेश सरकार ने ठेका दिया है। उसके द्वारा रेत को घन मीटर में नाप कर डंपर में भरा जा रहा है। एवं खनिज विभाग के पोर्टल से भरे गए माल के बराबर रॉयल्टी इशू की जा रही है।
रेत का परिवहन करने के लिए 12 टायर डंपर को खनिज विभाग ने पंजीयन करके खनिज का परिवहन करने की अनुमति प्रदान की है।
सुहागमल विश्नोई ने कहा कि जब ठेकेदार द्वारा डंपर में रेत को नाप कर भरा जा रहा है, और उसी नाप के बराबर खनिज विभाग द्वारा रॉयल्टी इशू की जा रही है तो फिर रेत की गाड़ियों का वजन करना न्याय उचित नहीं है।
यदि इसमें कोई त्रुटि है तो प्रशासन को सर्वप्रथम रेत के ठेकेदार और खनिज विभाग पर कार्रवाई करना चाहिए। और भविष्य में डंपर मालिकों को वजन के नाम पर निशाना बनाना बंद किया जाना चाहिए। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि यदि आप रेत को घन मीटर में नापने की बजाय गाड़ी का वजन करवाओगे तो फिर तो फिर आपको रेत खदानों पर और जिले की सीमा पर तौल कांटे लगाने होंगे। हम आपको पूरा सहयोग करेंगे।
नियम के तहत रेत का परिवहन करने के लिए हम प्रशासन का साथ देने के लिए तैयार है।