jhankar
ब्रेकिंग
तारीफ़नामा बनाम माफ़ीनामा ! नर्मदापुरम संभाग में जनकल्याण शिविर का आज आखिरी दिन: 7 दिन में हजारों समस्याओं का मौके पर निपटारा राष्ट्रपति के कार्यक्रम में अधिकारियों की ड्यूटी, सिवनी मालवा तहसील कार्यालय में पसरा सन्नाटा MP में देश विरोधी गतिविधियों पर बड़ा एक्शन: ATS ने 4 राज्यों से 4 आरोपी दबोचे, NIA भी रख रही नजर 18 जून 2026, गुरुवार – 12 राशियों का राशिफल | आज 18 जून गुरुवार मध्यप्रदेश का मौसम अपडेट मध्यप्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र शुरू: स्कूलों में लौटी रौनक, ‘आओ चले स्कूल चले’ अभियान से बढ़ा उत्स... हंडिया विद्युत उपकेंद्र प्रकरण: अन्य आरोपियों की पहचान जारी, एक व्यक्ति से भरवाया गया मुचलका! हंडिया विद्युत उपकेंद्र प्रकरण: अन्य आरोपियों की पहचान जारी, एक व्यक्ति से भरवाया गया मुचलका! Big news HARDA: बुजुर्ग की संदिग्ध लाश मिली, पुलिस जांच में जुटी !!

तारीफ़नामा बनाम माफ़ीनामा !

: माफ़ीनामा की ड्राफ्टिंग देखें तो लगेगा कि जीपीएस ने सिर्फ कलेक्टर साहिबा व उनकी बिटिया का नाम व तस्वीर को बिना अनुमति के उपयोग किया है। और वे आगे लिखते हैं कि भविष्य में बिना अनुमति के किसी भी अभिभावक का नाम व तस्वीर का प्रचार-प्रसार में उपयोग नहीं करेंगे।

 

जीपीएस ! एक बात बतलाइए कि कलेक्टर साहिबा के हवाले से जो विज्ञापनीय प्रशंसा की गई है। ये प्रशंसा स्वयम कलेक्टर साहिबा ने की है या बिना अनुमति के जीपीएस ने ही लिखकर विज्ञापन में उपयोग किया है। यदि ये कथन कलेक्टर के नहीं हैं तब तो उनके नाम, तस्वीर के साथ साथ अनाधिकृत कथन के उपयोग का मामला भी दिखाई देता है।

 

कलेक्टर साहिबा ने 11 जून के इस इश्तहार पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। ऐसी कोई टिप्पणी प्रकाश में नहीं आयी है।

 

- Install Android App -

यदि जीपीएस ने बिना कलेक्टर साहिबा से कथन मांगे ही उनके कथन, तस्वीर व नाम के साथ विज्ञापन में उपयोग किया है। विज्ञापन पृष्ठ के मूल्य को दृष्टिगत रखते हुए यह तो शिक्षण संस्थान के मूल्यों के बिल्कुल ख़िलाफ़ है। यह जीपीएस के व्यवसायिक कला-कौशल का कुशल प्रदर्शन माना जायेगा।

 

अब हक़ीक़त क्या है? सामने आना चाहिए। आखिर ये ज़िलाधीश से जुड़ा हुआ मामला है।

मुकेश पाण्डेय प्रदेश ब्यूरो

मकड़ाई एक्सप्रेस हरदा