लोक कल्याण शिविर नजर आई बडी़ लापरवाही
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 नर्मदापुरम/हरदा/बैतूल मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘जनकल्याण शिविर’ का आज नर्मदापुरम संभाग में आखिरी दिन है। 12 जून से संभाग के नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल जिलों के सभी विकासखंड और नगरीय निकाय मुख्यालयों पर चल रहे ये शिविर आज शाम समाप्त हो जाएंगे। 7 दिन चले इस अभियान में कलेक्टर से लेकर पटवारी तक सभी विभागों के अधिकारी फील्ड में मौजूद रहे और जनता की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया।
क्या है जनकल्याण शिविर?
सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश पर 12 से 18 जून तक प्रदेशभर में जनकल्याण शिविर लगाए गए। नर्मदापुरम संभाग में कुल 23 विकासखंड और 17 नगरीय निकायों में शिविर आयोजित हुए। उद्देश्य था – PM आवास, आयुष्मान भारत, पेंशन, राशन, उज्ज्वला, शौचालय जैसी हितग्राही मूलक योजनाओं का पंजीयन, स्वीकृति और लाभ वितरण एक ही छत के नीचे कराना। साथ ही राजस्व, बिजली, पानी, सड़क जैसी आम शिकायतों का तत्काल निपटारा करना।
7 दिन का लेखा-जोखा
1. 12 जून – पहला दिन : नर्मदापुरम के सिवनी-मालवा, हरदा के टिमरनी और बैतूल के मुलताई में शिविरों का शुभारंभ। पहले दिन ही तीनों जिलों में 8,500 से अधिक आवेदन आए। कलेक्टरों ने हेल्प डेस्क और मेडिकल स्टॉल की व्यवस्था कराई। लाभार्थियों को आधार, राशन कार्ड, बैंक पासबुक साथ लाने को कहा गया।
2. 13-15 जून – रफ्तार पकड़ी : बैतूल में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लंबित भुगतान, नर्मदापुरम में आयुष्मान कार्ड और हरदा में PM आवास के आवेदन सबसे ज्यादा आए। कई जगह तत्काल आयुष्मान कार्ड बनाए गए, पेंशन स्वीकृत की गई। हरदा में हंडिया-नेमावर क्षेत्र में नर्मदा जयंती के चलते विशेष काउंटर लगाए गए।
3. 16-17 जून – गंभीर मामलों पर फोकस
जिन प्रकरणों का मौके पर निराकरण नहीं हो सका, उनके लिए समय-सीमा तय की गई। बैतूल में भू-अभिलेख सुधार के 300+ प्रकरण, नर्मदापुरम में नामांतरण-बंटवारे के 450+ मामले चिन्हित कर 15 दिन में निराकरण का भरोसा दिया गया।
4. 18 जून – आखिरी दिन : आज सुबह से ही तीनों जिलों के शिविरों में भीड़ उमड़ी। अधिकारी सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बैठे। कलेक्टर नर्मदापुरम ने बताया कि जिले में अब तक 12 हजार से ज्यादा आवेदन आए, जिनमें 70% का मौके पर निराकरण हुआ। शेष के लिए पोर्टल पर एंट्री कर दी गई है।
क्या-क्या मिला मौके पर…?
– PM आवास : हरदा में 1200 नए पंजीयन, 400 को पहली किश्त जारी।
– आयुष्मान कार्ड : नर्मदापुरम में 3 दिन में 5000+ कार्ड बनाए गए।
– पेंशन : बैतूल में 800 वृद्ध-विधवा-दिव्यांग पेंशन स्वीकृत।
– शौचालय : तीनों जिलों में 1500+ आवेदन लेकर स्वीकृति दी गई।
– शिकायतें : नल-जल, बिजली बिल सुधार, राशन पर्ची में नाम जोड़ने जैसे 6 हजार से ज्यादा प्रकरण मौके पर निपटे।
प्रशासन की तैयारी
प्रत्येक शिविर में योजना वार अलग काउंटर, हेल्प डेस्क, मेडिकल स्टॉल लगाए गए। कलेक्टर, अपर कलेक्टर, SDM, तहसीलदार, CMO और सभी विभाग प्रमुख पूरे समय मौजूद रहे। जिलाधिकारी बैतूल विशाल राज ने कहा कि शिविर का व्यापक प्रचार पंचायत स्तर तक किया गया, ताकि अंतिम छोर का व्यक्ति भी लाभ ले सके।
आगे क्या?
जो आवेदन आज तक पूरे नहीं हो पाए, उन्हें संबंधित विभाग 30 जून तक निराकृत करेंगे। सरकार का दावा है कि इस पहल से ‘सरकार आपके द्वार’ की अवधारणा मजबूत हुई है। आमजन ने भी पहल को सराहा, लेकिन कुछ जगह लंबी लाइनों और दस्तावेज की कमी से परेशानी भी हुई।
कुल मिलाकर 7 दिन चले जनकल्याण शिविर के दौरान सामने आई विसंगतियां और लापरवाही
नर्मदापुरम संभाग में 12 से 18 जून तक चले जनकल्याण शिविरों में भले ही हजारों लोगों को राहत मिली, लेकिन कुछ जगह विसंगतियां और लापरवाही के मामले भी सामने आए। प्रशासन ने ज्यादातर शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लिया।
1. दस्तावेजों की कमी से लौटे आवेदक
नर्मदापुरम के सिवनी-मालवा और बैतूल के आमला में कई हितग्राही आधार कार्ड, बैंक पासबुक या राशन कार्ड की फोटोकॉपी न होने से लौटाए गए। शिविर में फोटोकॉपी की व्यवस्था न होने से बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी हुई। बाद में SDM ने तहसील कार्यालय में मुफ्त फोटोकॉपी की सुविधा शुरू करवाई।
2. लंबी लाइन और बैठने की व्यवस्था नहीं
हरदा के खिरकिया और नर्मदापुरम के इटारसी में पहले 2 दिन टेंट-पंडाल छोटे पड़ गए। 40°C तापमान में बुजुर्ग और महिलाएं घंटों धूप में खड़े रहे। मीडिया में खबर आने के बाद 14 जून से अतिरिक्त टेंट, पंखे और पानी की व्यवस्था की गई।
3. विभागों के बीच तालमेल की कमी
बैतूल के मुलताई में PM आवास के लिए पटवारी रिपोर्ट न मिलने से 200+ आवेदन अटक गए। राजस्व और पंचायत विभाग एक-दूसरे पर टालते रहे। कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद 17 जून को विशेष कैंप लगाकर मौके पर ही रिपोर्ट बनाई गई।
4. तकनीकी दिक्कतें
नर्मदापुरम के पिपरिया में 15 जून को सर्वर डाउन होने से आयुष्मान कार्ड बनाने का काम 3 घंटे ठप रहा। 300+ लोग इंतजार करते रहे। बाद में ऑफलाइन फॉर्म भरवाकर 2 दिन में कार्ड घर पहुंचाने का वादा किया गया।
5. दलालों की शिकायत
हरदा जिला मुख्यालय के शिविर में कुछ लोगों ने ‘जल्दी काम कराने’ के नाम पर 200-500 रुपए मांगने की शिकायत की। CMO हरदा ने तुरंत 2 कर्मचारियों को नोटिस दिया और माइक से एनाउंस करवाया कि कोई पैसा न दे।
6. प्रचार-प्रसार में कमी
बैतूल के भीमपुर और शाहपुर के आदिवासी इलाकों में कई ग्रामीणों को शिविर की तारीख-पता ही नहीं चला। सरपंचों ने कहा कि पंचायत स्तर पर मुनादी नहीं हुई। अंतिम 2 दिन कोटवार से मुनादी करवाकर लोगों को बुलाया गया।
प्रशासन का पक्ष
तीनों जिलों के अधिकारियो ने माना कि इतने बड़े आयोजन में छोटी-मोटी दिक्कतें आती हैं।उन्होने बताया कि रोज शाम को समीक्षा बैठक कर कमियां दूर की गईं। *कलेक्टर बैतूल विशाल राज* ने कहा कि लापरवाही करने वाले 5 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
7 दिन का नतीजा : 7 दिन में 70% प्रकरण मौके पर निपटे, लेकिन 30% अब भी लंबित हैं। सरकार ने 30 जून तक सभी शेष आवेदनों के निराकरण के निर्देश दिए हैं। अगर तय समय में काम नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई होगी।
_जनता की नजर अब 30 जून पर है – वादे के मुताबिक बचे हुए काम होंगे या फिर फाइलों में अटकेंगे।_

