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दतिया में मिली रानी लक्ष्मीबाई की 175 साल पुरानी दुर्लभ तस्वीर, जीवित अवस्था का पहला चित्र माना जा रहा

मकडा़ई एक्सप्रेस 24 भोपाल । झांसी की रानी लक्ष्मीबाई से जुड़ा एक ऐतिहासिक चित्र दतिया में सामने आया है। इसे रानी के जीवित रहते बनाई गई पहली पेंटिंग माना जा रहा है। यह चित्र लगभग 175 साल पुराना है और इसे वर्ष 1849-50 के आसपास का बताया जा रहा है।

क्या दिखता है इस चित्र में

यह दो फीट लंबा और पौने दो फीट चौड़ा रंगीन चित्र है। इसमें रानी लक्ष्मीबाई को घोड़े पर सवार होकर अपनी कुलदेवी के दर्शन के लिए जाते हुए दिखाया गया है।

इतिहासकारों का कहना है कि रानी सुरक्षा के साथ कभी-कभी कुलदेवी की पूजा करने जाती थीं। इसी दृश्य को इस पेंटिंग में दर्शाया गया है। चित्र में सोने के कणों का भी उपयोग किया गया है, हालांकि कुछ हिस्सा अब क्षतिग्रस्त हो चुका है।

कब और कैसे मिला यह चित्र

ज्ञान भारतम मिशन के तहत पांडुलिपियों के संग्रहण और संरक्षण के दौरान यह चित्र दतिया के संग्रहालय में रखा मिला।

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18 जून 1858 को अंग्रेजों से लड़ते हुए रानी के शहीद होने के बाद दतिया रियासत के कर्मचारियों ने उनके महल से यह चित्र लाकर रखा था। बाद में रियासतों के विलय के बाद इसे पुरातत्व विभाग के संग्रहालय में संरक्षित कर दिया गया।

इतिहासकारों की राय

मध्य प्रदेश राज्य पुरातत्व संग्रहालय के इतिहासकार डॉ. मो. वसीम खान के अनुसार यह चित्र रानी के पति महाराजा गंगाधर राव के वर्ष 1853 में निधन से पहले का है।

उस समय गंगाधर राव के दरबार में सुखलाल नाम के मुख्य चित्रकार थे। उन्होंने राजपरिवार और लोकजीवन पर कई चित्र बनाए थे। संभावना है कि यह चित्र भी सुखलाल ने ही बनाया होगा।

डॉ. वसीम ने बताया कि रानी बहुत कम लोगों से मिलती थीं, इसी कारण उनकी जीवित अवस्था के चित्र बहुत दुर्लभ हैं।

फिलहाल यह दुर्लभ चित्र दतिया संग्रहालय में सुरक्षित रखा गया है।