मध्यप्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र शुरू: स्कूलों में लौटी रौनक, ‘आओ चले स्कूल चले’ अभियान से बढ़ा उत्साह
मकडा़ई एक्सप्रेस 24भोपाल। आज 18 जून गुरुवार से मध्यप्रदेश के सभी निजी और सरकारी स्कूल व्यवस्थित रूप से नए सत्र के लिए प्रारंभ हो गए हैं। गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूलों में बच्चों की किलकारियां फिर से गूंजने लगी हैं। कई स्कूलों में पहले दिन को खास बनाने के लिए विशेष सजावट की गई है। कहीं गुब्बारों-फूलों से स्वागत द्वार सजाए गए, तो कहीं रंगोली और वेलकम पोस्टरों से बच्चों का अभिनंदन किया गया।
मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने इस वर्ष 15 जून के बाद नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसी आदेश के तहत प्रदेश भर के प्राथमिक, माध्यमिक और हायर सेकंडरी स्कूलों में आज से विधिवत कक्षाएं शुरू हो गईं। पहले दिन शिक्षकों ने तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर बच्चों का स्वागत किया, ताकि छुट्टियों के बाद स्कूल आने में उनकी झिझक दूर हो।
‘आओ चले स्कूल चले’ अभियान बना प्रेरणा
शासन द्वारा चलाए जा रहे ‘आओ चले स्कूल चले’ अभियान के तहत बच्चों को नियमित स्कूल आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य ड्रॉपआउट रोकना और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना है। इसके तहत शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर पालकों से संपर्क कर रहे हैं। कई जिलों में प्रभात फेरी निकालकर, नुक्कड़ नाटक और रैली के माध्यम से शिक्षा का महत्व समझाया गया।
प्राथमिक शालाओं की स्थिति
प्रदेश में लगभग 85 हजार सरकारी और 30 हजार से अधिक निजी प्राथमिक शालाएं संचालित हैं। पहले दिन कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों में खासा उत्साह दिखा। कई स्कूलों में ‘प्रवेश उत्सव’ मनाया गया। नवप्रवेशी बच्चों को गणवेश, पाठ्यपुस्तकें और साइकिल का वितरण भी शुरू कर दिया गया है।
राज्य शिक्षा केंद्र ने निर्देश दिए हैं कि पहले 15 दिन ‘बस्ता विहीन’ गतिविधियों पर फोकस किया जाए, ताकि बच्चे खेल-खेल में स्कूल के माहौल से जुड़ सकें। मुख्यमंत्री बालिका स्कूटी योजना और निःशुल्क साइकिल वितरण से भी उपस्थिति बढ़ने की उम्मीद है।
माध्यमिक से हायर सेकंडरी स्कूलों में तैयारी
प्रदेश के 20 हजार से अधिक माध्यमिक और 12 हजार हायर सेकंडरी स्कूलों में भी आज से पढ़ाई शुरू हो गई। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए करियर गाइडेंस सत्र पहले सप्ताह में रखे गए हैं।
हायर सेकंडरी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा और स्मार्ट क्लास को लेकर विशेष तैयारी की गई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर के कई बड़े निजी स्कूलों में पहले दिन ‘ओरिएंटेशन डे’ मनाया गया, जहां पालकों को नई शिक्षा नीति 2020 के तहत हुए बदलावों की जानकारी दी गई।
सरकार की सख्ती और मॉनिटरिंग
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 30 जून तक शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें। साथ ही, शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति पर भी जोर दिया गया है। CM RISE स्कूलों में पहले दिन से ही डिजिटल कंटेंट के जरिए पढ़ाई शुरू हुई। कलेक्टरों को स्कूलों का औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
पालकों में भी उत्साह
स्कूल खुलने से पालकों में भी राहत है। लंबे समय से घर पर रह रहे बच्चों की दिनचर्या अब पटरी पर लौटेगी। निजी स्कूलों में बस सेवा, यूनिफॉर्म और किताबों को लेकर पिछले सप्ताह से ही तैयारियां चल रही थीं।
नया सत्र, नई उमंग के साथ शुरू हुआ है। ‘आओ चले स्कूल चले’ का नारा सिर्फ सरकारी फाइलों तक सीमित न रहे, इसके लिए शिक्षक, पालक और समाज – सभी को मिलकर काम करना होगा, ताकि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

