काठमांडू। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जेननरेशन-जेड के हिंसक प्रदर्शन के बाद नेपाल की सरकार गिर गई। सरकार के खिलाफ इस कदर गुस्सा था कि नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देकर अज्ञात स्थान पर छिपना पड़ा। मंगलवार को दिन भर हिंसा और विनाश के बाद देर रात सेना ने कमान संभाल ली है।
सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिगडेल ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत में शामिल होने की अपील की है। एक वीडियो में जनरल सिगडेल ने कहा कि मौजूदा कठिन हालात में परिस्थितियों को सामान्य बनाना और राष्ट्र के सर्वोच्च हितों की रक्षा करना सभी का कर्तव्य है। सिगडेल का बयान ऐसे समय में आया है, जब नेपाल में जगह-जगह से लूटपाट और आगजनी की खबरें आ रही थीं। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों के काठमांडू जेल से कैदियों के भागने की खबर भी सामने आई।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल में जगह-जगह लूटपाट और आगजनी की खबरें आ रही थीं। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों के काठमांडू जेल से कैदियों के भागने की खबर भी आई। इस बीच सेना ने हिंसा और लूटपाट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को सेना ने बताया कि उसने मंगलवार रात से लूटपाट की गतिविधियों में शामिल 26 लोगों को गिरफ्तार किया है। सेना के मुताबिक इन लोगों ने अशांति का फायदा उठाकर लूटपाट, आगजनी और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं को अंजाम दिया है।
सोमवार को सोशल मीडिया पर प्रतिबंध हटाने और भ्रष्टाचार से निपटने की मांग के साथ शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए पुलिस ने भारी बल प्रयोग किया, जिसमें कम से कम कई प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। इसके बाद युवाओं का गुस्सा भड़क उठा। देर रात सरकार ने सोशल मीडिया से प्रतिबंध हटा लिया, लेकिन प्रदर्शनकारी अब ओली से इस्तीफे देने के लिए अड़े थे।
इस बीच बुधवार को जेननरेशन-जेड प्रदर्शनकारी नेता सुदान गुरुंग और अन्य आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए मिलने वाले हैं। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सभी पक्षों से संयम बरतने और नुकसान न होने देने की अपील की। मंगलवार को राष्ट्रपति कार्यालय को भी आग के हवाले कर दिया गया। सेना प्रमुख ने कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों की उठाई मांगों का समाधान जेन-जेड के प्रतिनिधियों समेत बातचीत और चर्चा के जरिए किया जा सकता है, इसलिए मैं सभी पक्षों से संयम बरतने, देश को और नुकसान न पहुंचाने और बातचीत की मेज पर आने की अपील करता हूं।

