jhankar
ब्रेकिंग
खेत बचाओ अभियान के तहत गांवों में कृषक चौपाल आयोजित बानापुरा में फिर खुला स्पा सेंटर, नगर में चर्चा तेज अनुमति को लेकर सवाल, नागरिकों ने की जांच की मांग हरदा में 450 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर लगाए रेडियम टेप और रिफ्लेक्टर धार में भीषण हादसा: डिवाइडर से टकराकर पुलिया से नीचे गिरी कार, आग लगने से 4 युवक जिंदा जले, 1 गंभीर पीथमपुर हादसे में मृत मासूमों को जागो जन रजक समाज ने दी श्रद्धांजलि नर्मदांचल युवक-युवती परिचय सम्मेलन की तैयारियों को लेकर बैठक में चर्चा 50वें जन्मदिन पर नेमा दंपती ने लिया अंगदान का संकल्प, ऑनलाइन फॉर्म भरकर ली शपथ कोटा में पपीते में दिखे गणपति, बगीचे का फल बना आस्था का केंद्र गिर गाय के नाम पर सोयाबीन तेल और केमिकल से बना घी बेचने का भंडाफोड़, जूनागढ़ में खाद्य विभाग की बड़ी... हरदा: 'बिजली कटौती का नाम बदलकर मेंटेनेंस कर दिया गया है' - कांग्रेस प्रवक्ता आदित्य गर्ग ने उठाए सव...

खेत बचाओ अभियान के तहत गांवों में कृषक चौपाल आयोजित

डीएपी उर्वरक के विकल्पों की दी जानकारी, नरवाई प्रबंधन और ई-विकास प्रणाली से ई-टोकन बुकिंग का दिया प्रशिक्षण

हरदा। जिले में खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं द्वारा विकासखंड टिमरनी, खिरकिया एवं हरदा के विभिन्न ग्रामों में कृषक चौपालों का आयोजन किया गया। इन चौपालों में किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, नरवाई प्रबंधन तथा ई-विकास प्रणाली पोर्टल के माध्यम से ई-टोकन बुक करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

विकासखंड टिमरनी के ग्राम मनियाखेड़ी, सोहागपुर, निर्माचखुर्द, पड़वा एवं उन्द्राकच्छ में कृषक चौपाल आयोजित की गई। इसी प्रकार विकासखंड खिरकिया के ग्राम छीपाबड़, गोमगांव, बंदीमुहड़िया, हसनपुरा, चौकी, कालधड़, जूनपानी, धनकार एवं महेंद्रगांव तथा विकासखंड हरदा के ग्राम बैडी सहित अन्य ग्रामों में किसानों से संवाद किया गया।

- Install Android App -

कृषक चौपाल में किसानों को डीएपी उर्वरक के विकल्प के रूप में एनपीके 12:32:16, 20:20:0:13, 16:20:0:13, टीएसपी एवं एसएसपी उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया। किसानों को फसल की आवश्यकता एवं मृदा की स्थिति के अनुसार संतुलित उर्वरक उपयोग करने की सलाह दी गई।

इसके साथ ही नरवाई प्रबंधन के संबंध में किसानों को जागरूक करते हुए फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग करने की सलाह दी गई। कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं ने किसानों को ई-विकास प्रणाली पोर्टल के माध्यम से ई-टोकन बुक करने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया, ताकि किसान उर्वरक प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसानी से समझ सकें।

अभियान के माध्यम से किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग, नरवाई के उचित प्रबंधन और कृषि संबंधी ऑनलाइन सुविधाओं के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।