बैतूल। जिला के थाना चोपना क्षेत्र में एक सनसनी खेज मामला सामने आया है जहां हथियार की नोंक पर रिकवरी एजेंटों ने पुलिसकर्मियों के सहयोग से अवैध तरीके ट्रेक्टर उठा ले गये।
क्या है पूरा मामला
जिले के चोपना थाना क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम शक्तिगढ़ के किसान रमेश मंडल ने पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत की।फरियादी ने बताया कि 8 सितम्बर 2025 को टीवीएस क्रेडिट सर्विसेज लिमिटेड के रिकवरी एजेंट पिनीत यादव,अर्जुन कापसे ने हथियारबन्द लोग और थाना चोपना के तीन पुलिसकर्मियों ने आकर मेरे घर से ट्रैक्टर एमपी 48 एए 3358 को बिना कानूनी आदेश दिखाए जबरन जप्त कर लिया इस दौरान इन लोगो मेरे परिजनो से गलत व्यवहार भी किया। परिवार से बदतमीजी भी की।
मेरे द्वारा समय सारी किश्त जमा की गई
आवेदक रमेश मंडल ने बताया कि 28 जनवरी 2022 को टीवीएस क्रेडिट सर्विसेज लिमिटेड बैतूल से 4 लाख 23 हजार का ऋण लेकर उपरोक्त ट्रैक्टर क्रय किया था। ऋण की शर्तों के अनुसार कुल छह मासिक किश्तें भरनी थीं, जिनमें से अधिकतर किश्तें समय पर अदा की गईं। अंतिम किस्त 80 हजार 800 की अदायगी 10 अगस्त को की गई थी।इसके बाद कंपनी ने अतिरिक्त बकाया राशि 26 हजार 512 की सूचना तो दी, परंतु कोई वैधानिक नोटिस नहीं दिया गया और न ही न्यायालयीन आदेश के तहत ट्रैक्टर की जब्ती की गई। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार, इस प्रकार की वसूली पूर्णतः अवैध है जब तक न्यायालय से पूर्व अनुमति प्राप्त न हो।
अवैधानिक जब्ती मे पुलिस की मौजूदगी
रमेश मंडल ने आरोप लगाया कि टीवीएस क्रेडिट सर्विसेज लिमिटेड के रिकवरी एजेंट पंकज यादव, अर्जुन कापसे और अन्य व्यक्ति हथियारों से लैस होकर चोपना आए और पुलिस की मौजूदगी में ट्रैक्टर को जबरन उठा ले गए। इस दौरान उन्होंने न तो अपनी पहचान दिखाई और न ही कोई न्यायालय का आदेश। इस पूरी घटना का वीडियो भी रमेश मंडल द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया है।
मुझे आर्थिक नुकसान हो रहा है
आवेदक ने आरोप लगाया कि उनका वाहन कहां रखा गया है, इसकी भी जानकारी नहीं दी गई है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति हो रही है। वे ट्रैक्टर पर खेती-किसानी का कार्य कर रहे थे, जो अब ठप हो गया है।
रमेश मंडल ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि थाना चोपना को न्यायिक आदेशों के उल्लंघन को लेकर निर्देशित किया जाए तथा टीवीएस क्रेडिट सर्विसेज लिमिटेड, उसके रिकवरी एजेंट पंकज यादव, अर्जुन कापसे एवं अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराओं में अपराध दर्ज किया जाए। साथ ही, इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए।

