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नेपाल में बड़ा हादसा – पहाड़ टूटकर काली गंडकी नदी में गिरा

अब तक 14 से ज्यादा की मौत, नदी में बोट पलटी

मौसम बना काल – 4 दिन से लगातार बारिश

मकडा़ई एक्सप्रेस 24 दिल्ली । पडो़सी देश नेपाल से बडी़ खबर सामने निकल कर आ रही है। 24 सितंबर से बंगाल की खाड़ी से आए लो-प्रेशर सिस्टम के कारण भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार 106 जगहों पर 100 mm से ज्यादा बारिश दर्ज हुई। सबसे ज्यादा नवलपरासी के दुमकौली में 455 mm, पोखरा में 407 mm बारिश हुई। लगातार बारिश के बाद पहाड़ कमजोर हो गए और भूस्खलन शुरू हो गया।

पहाड़ टूटकर सीधे नदी में समाया

रविवार 28 सितंबर को मुस्तांग जिले के लेते इलाके में एक पूरा पहाड़ टूटकर 6 सेकंड में काली गंडकी नदी में गिर गया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें लोग चीखते हुए दिख रहे हैं। मलबा नदी में गिरने से नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और तेज लहरें उठीं, जिससे नदी में चल रही एक टूरिस्ट क्रूज / बोट पलट गई।

इसी तरह बागलुंग जिले के निशीखोला गांव में भूस्खलन में एक ही परिवार के 4 लोगों की दबकर मौत हो गई।

कितना नुकसान हुआ…?

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार:

– कुल मौतें – 21 से 24 (अलग-अलग रिपोर्ट में), जिसमें 14 मौतें सिर्फ लैंडस्लाइड से हुईं

– लापता – 5 से 14 लोग

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– घायल – 5 लोग

– 260 घर पूरी तरह तबाह, 80 घरों को आंशिक नुकसान

– 247 परिवार सीधे प्रभावित, करीब 3000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया

– बागलुंग, म्यागदी, मनांग, पर्वत, पाल्पा, जाजरकोट सबसे ज्यादा प्रभावित जिले

रास्ते बंद, बिजली गुल

काली गंडकी नदी ने घर और पुल बहा दिए। चितवन जिले में कई हाईवे लैंडस्लाइड से बंद हैं। नारायणी नदी खतरे के निशान 9 मीटर को पार कर 9.23 मीटर पर पहुंच गई है, बस्तियों में पानी घुस गया। मनांग, मुस्तांग, म्यागदी और बागलुंग में बिजली पूरी तरह ठप है। 40 मेगावाट का एक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट भी क्षतिग्रस्त हो गया है।

राहत और बचाव कार्य

नेपाली सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स और हेलीकॉप्टर की मदद से पहाड़ी इलाकों जाजरकोट, म्यागदी, संखुवासभा में फंसे लोगों को निकाला जा रहा है। करीब 9000 विदेशी टूरिस्ट भी नेपाल में फंसे हैं, उन्हें सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी गई है।

लगातार दूसरा बड़ा संकट

ये हादसा ठीक एक महीने बाद हुआ है। अगस्त में भोटे कोशी में आई फ्लैश फ्लड में 1450 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। उस बाढ़ में 2.2 मिलियन टन मलबा आया था और 11 हाइड्रो प्रोजेक्ट बंद हो गए थे।

फिलहाल सरकार ने 49 जिलों में फ्लैश फ्लड अलर्ट जारी किया है और लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है।