हरदा/टिमरनी– नगर में तारण तरण दिगंबर जैन समाज द्वारा पर्युषण पर्व के पूर्ण होने पर सद्गुरु तारन स्वामी द्वारा रचित 14 ग्रंथों की वांचना पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भव्य श्री जिनवाणी पाल्की शोभायात्रा निकाली गई। यह पावन एवं पुण्य कार्य तारण पंथ के साधक बाल ब्रह्मचारी श्रद्धेय वैराग्यानंद जी के सानिध्य में संपन्न हुआ।
धार्मिक अनुष्ठान और श्री जिनवाणी का तिलक
प्रातः 7 बजे से बड़े जैन चैत्यालय में संपूर्ण श्रृद्धा भाव से मंदिर की विधि, मंगल पाठ करते हुए श्री जिनवाणी का तिलक किया गया। इस भव्य महोत्सव में आसपास के अनेक स्थानों से समाज बंधु और महिलाएं बड़ी संख्या में पधारे।
इस अवसर पर श्रृद्धेय वैराग्यानंद जी ने अपने मंगल प्रवचन और धर्मोपदेश देते हुए कहा कि “सद्गुरु तारन स्वामी ने अपने 66 वर्ष की आयु में पर स्वभाव को छोड़कर निज आत्म स्वभाव में लगाया, जिसकी अनुभूति को श्री जिनवाणी में दर्शाया है। शुद्ध ज्ञान के प्रकाश से सभी प्राणियों को सत्य मार्ग और मोक्ष मार्ग बताया गया है। सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र के तीन रत्न हमें मिले हैं, इनको अपने स्वभाव से जानकर प्रभु स्वरूप बन जाओ।
श्री जिनवाणी शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गों से, बड़े जैन चैत्यालय से शुभारंभ करते हुए, शंकर मंदिर, मंडी रोड, शीतला माता मंदिर, अग्रवाल भवन होते हुए गांधी चौक तक पहुँची और परिक्रमा पूर्ण की। यात्रा के दौरान संपूर्ण जैन समाज के घरों में श्री जिनवाणी पाल्की की आरती उतारी गई। इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों की संख्या में समाज के पुरुष, महिलाएँ एवं बच्चों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
पारिवारिक सहयोग और पूजन
स्थानीय तारण भवन में पुण्यार्पक परिवार राकेश कुमार, सौरभ कुमार, गर्वित कुमार एवं समस्त परिवार द्वारा पूजन व पात्र भावना दी गई, जिससे संपूर्ण वातावरण धर्ममय हो गया।
इस दौरान नगर परिषद अध्यक्ष देवेंद्र भारद्वाज द्वारा भी शौभायात्रा का स्वागत किया गया।

