वाराणसी में वैदिक विधि-विधान से हुई धर्म वापसी
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 मप्र।प्रदेश के सागर जिले के एक युवक ने अपने जीवन से जुड़ा बड़ा निर्णय लेते हुए इस्लाम धर्म त्यागकर सनातन हिंदू धर्म को अपना लिया है। धर्म परिवर्तन से पहले युवक का नाम असद खान था, जो अब अथर्व त्यागी के नाम से जाने जाएंगे। युवक ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी पहुंचकर विधिवत वैदिक रीति-रिवाजों के साथ हिंदू धर्म में घर वापसी की।
अस्सी घाट से शुरू हुआ आस्था का सफर
धर्म परिवर्तन की पूरी प्रक्रिया वाराणसी के प्रसिद्ध अस्सी घाट पर संपन्न हुई। यहां पंचगव्य स्नान के बाद गंगा स्नान कर युवक का पवित्रीकरण किया गया। इसके पश्चात मुंडन संस्कार, हवन-पूजन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धर्म परिवर्तन की विधि पूरी कराई गई। इसके बाद युवक ने बाबा विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए और शिवलिंग पर अभिषेक कर आशीर्वाद लिया। शाम को वह गंगा आरती में भी शामिल हुआ और भंडारे के साथ धार्मिक अनुष्ठान का समापन हुआ।
इस्लाम त्यागने के पीछे बताई वजह
सागर के मकरोनिया क्षेत्र के निवासी अथर्व त्यागी का कहना है कि वह लंबे समय से इस्लाम धर्म में मौजूद कुछ धार्मिक बंधनों और कुरीतियों से असहज महसूस कर रहे थे। मूर्ति पूजा का विरोध, खान-पान से जुड़े कठोर नियम और धार्मिक दबाव उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे।
महाकाल में थी गहरी आस्था
अथर्व त्यागी ने बताया कि उनकी आस्था शुरू से ही भगवान महाकाल में रही है, लेकिन परिवार और सामाजिक दबाव के चलते वह अपनी आस्था को खुलकर व्यक्त नहीं कर पा रहे थे। मूर्ति पूजा से रोके जाने के कारण उन्हें आत्मिक शांति नहीं मिल पा रही थी। अब सनातन धर्म अपनाने के बाद उन्हें मानसिक और आध्यात्मिक शांति की अनुभूति हो रही है।
बिना दबाव लिया गया फैसला
अथर्व त्यागी ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय उन्होंने किसी दबाव में नहीं, बल्कि पूरी तरह अपनी इच्छा, विश्वास और आत्मिक संतुष्टि के आधार पर लिया है। धर्म परिवर्तन के साथ नाम बदलकर उन्होंने अपने जीवन की नई शुरुआत की है। सागर से वाराणसी तक आस्था के इस सफर को लेकर यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

