श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क 1 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए एक नए अनुभव का केंद्र बनने जा रहा है। 1 अक्टूबर से यहां चीता सफारी की शुरुआत होगी, जिसके बाद सैलानी खुले जंगल में विचरण कर रहे चीतों को देख सकेंगे। फिलहाल पार्क में कुल 24 चीते मौजूद हैं, जिनमें से आठ चीते और शावक बाड़ों में हैं जबकि बाकी जंगल में स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर छोड़े थे आठ चीते
चीतों के संरक्षण और पुनर्वास को लेकर यह पहल लंबे समय से चर्चा में रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस पर 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को कूनो में छोड़ा गया था। इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते यहां लाए गए। वर्तमान में कूनो और मंदसौर जिले के गांधीसागर अभयारण्य में कुल 27 चीते हैं, जिनमें भारत में जन्मे शावक भी शामिल हैं। गांधीसागर में भेजे गए तीन चीते इस समय बाड़ों में हैं।
पर्यटन के लिए बनी कूनो रिट्रीट की योजना
पर्यटन विभाग ने सफारी के साथ-साथ कूनो रिट्रीट की भी योजना बनाई है, जिसमें पर्यटकों के लिए रहने, भोजन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था होगी। विभाग ने पार्क की आधिकारिक वेबसाइट पर कूनो सफारी को विशेष रूप से प्रदर्शित किया है और एक हेल्पडेस्क भी बनाई गई है, जहां चीतों से जुड़ी जानकारी के लिए लगातार पर्यटक संपर्क कर रहे हैं।
सफारी के लिए ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
सफारी बुक करने के लिए पर्यटकों को कूनो नेशनल पार्क की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। छह लोगों के समूह के लिए जिप्सी सहित शुल्क 4,500 रुपये तय किया गया है, जबकि अगर कोई अपने वाहन से प्रवेश करता है तो मात्र 1,200 रुपये देने होंगे। पर्यटक सफारी के लिए अहेरा गेट और पीपलवाड़ी गेट से प्रवेश कर सकते हैं। कूनो पार्क के सीसीएफ और फील्ड डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा ने बताया कि एक अक्टूबर से पर्यटक यहां पहुंचकर चीतों के रोमांचक संसार को नजदीक से देख सकेंगे।

