छात्र-छात्राओं को सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश
हरदा : कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने गुरूवार को जिला मुख्यालय पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर शासकीय उत्कृष्ट बालक एवं बालिका छात्रावास, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस बालक एवं बालिका छात्रावास, कन्या छात्रावास परिसर अंतर्गत संचालित छात्रावासों एवं शासकीय पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास तथा शासकीय पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास सहित राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह बालक आश्रम का निरीक्षण कर वहां छात्राओं को उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि यहां निवासरत छात्र-छात्राओं को सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाए। सभी छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं का विवरण एवं बजट की जानकारी का पटल लगाने के निर्देश दिये गये।
निरीक्षण के दौरान उन्होने कहा कि जिले में संचालित मिशन कोड शक्ति अंतर्गत छात्रावास में निवासरत विद्यार्थियों को कम्प्यूटर कोडिंग की शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। छात्रावासों में गीले एवं सूखे कचरे के निष्पादन की पृथक-पृथक व्यवस्था हो। छात्रावासों के कक्षों में प्रकाश के पर्याप्त इंतजाम रहें।
विद्यार्थियों को मिलने वाला भोजन उत्तम गुणवत्ता का हो, यह सुनिश्चित किया जाए। छात्रावासों के टायलेट साफ सुथरे रखे जाने के भी निर्देश दिये गये। साथ ही कहा गया कि छात्रावासों के परिसर में विद्यार्थियों को खेलने की व्यवस्था की जाए। छात्रावासों में पुस्तकालयों का भी संचालन हो और ज्ञानवर्धक फिल्में भी विद्यार्थियों को दिखाई जाए।
भ्रमण के दौरान छीपानेर रोड़ स्थित शासकीय पोस्ट मेट्रिक पिछड़ा वर्ग छात्रावास में पहुँच मार्ग पर अतिक्रमण की जानकारी मिलने पर एसडीएम हरदा को जांच करने के निर्देश दिये गये। साथ ही छात्रावास की संरचनात्मक स्थिति की जांच भी करवाने के लिये सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग को निर्देशित किया गया। उन्होने तवा कालोनी स्थित पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास के निरीक्षण के दौरान चल रहे मरम्मत कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिये।
भ्रमण के दौरान कलेक्टर द्वारा छात्रावासों में स्वच्छता का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी डी.एस. रघुवंशी, जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग प्रमोद माथुर, सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग विवेक सिंह, डीपीसी गरीमा टोप्पो सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

