खंडवा। खंडवा में नगर वन प्रोजेक्ट मामले में कांग्रेस ने घोटाले के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना हैं कि, जिस प्रोजेक्ट को लेकर कल 28 नवंबर को टेंडर खुलना हैं, उसका काम पहले ही पूरा कर दिया गया। बकायदा गेट और तार फेंसिंग मौके पर हैं। पेड़-पौधे भी लग गए हैं। पीएम मोदी की सकारात्मक पहल को नगर निगम ने एक पेड़, भ्रष्टाचार के नाम स्कीम बना दी हैं।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी, नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर सहित कांग्रेस पार्षदों ने गुरुवार को नगर वन पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार ही नहीं बल्कि एक आपराधिक षड्यंत्र है। इस मामले में नगर निगम के अफसरों पर एफआईआर दर्ज होना चाहिए। जिस प्रोजेक्ट के लिए 50 लाख रूपए के टेंडर बुलाएं गए हैं, वो टेंडर खुलने भी नहीं है और मौके पर काम हो गया हैं। ऐसी नगर निगम तो पहली बार देखी हैं। यह निर्माण कार्य में वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार सहित प्रक्रियात्मक उल्लंघन का मामला हैं। जिसकी शिकायत लोकायुक्त से की जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष की शिकायत क्या है-नगर वन का निर्माण कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका था, लेकिन बाद में तीन अलग-अलग निविदाएं जारी की गईं। एक समाचार-पत्र में प्रकाशित निविदा में पोकलेन, खउइ, डंपर किराए पर उपलब्ध कराने के लिए 27 लाख 77 हजार रूपए, दूसरे समाचार-पत्र में प्रकाशित निविदा में नगर वन निर्माण कार्य के लिए 20 लाख 29 हजार रुपए तथा तीसरे समाचार पत्र में नगर वन का मुख्य गेट निर्माण कार्य के लिए एक लाख 80 हजार रुपए की लागत का टेंडर निकाला गया हैं।
निगमायुक्त ने कहा- आरोप निराधार
इधर, कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष के आरोपों पर नगर निगम कमिश्नर प्रियंका राजावत ने कहा कि, आरोप बेबुनियाद हैं। नगर वन 13 एकड़ जमीन पर विकसित होना हैं, फिलहाल वहां जो काम हुए हैं, वो लोगों की मांग पर किए हैं, जो एक एकड़ जगह से भी कम हैं। जो पौधे लगाए गए हैं, वो भी जनसहयोग से लगे हैं। मिट्टी का भराव भी शक्कर तालाब से किया हैं। बाकी जो गेट हैं, वो निगम ने अपने स्तर पर लगाया हैं। नगर वन के प्रचार के लिए सिर्फ इतना खर्च किया हैं। बाकी टेंडर पूरी 13 एकड़ जमीन पर नगर वन विकसित करने के लिए हैं। जिसका काम टेंडर अनुसार होना हैं।

