रहंटगाव (हरदा): रहंटगाव के वार्ड नंबर 3 में कानून को ताक पर रखकर दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक वैध निर्माण कार्य को रुकवाने के लिए न केवल धमकियां दी गईं, बल्कि पुलिस की मौजूदगी में ही निर्माणाधीन मकान की सेंटिंग और छत में तोड़फोड़ की गई।
क्या है पूरा मामला?
वार्ड नंबर 3 निवासी मदन लाल राठौर अपनी पैतृक संपत्ति पर मकान का निर्माण कार्य करवा रहे थे। इस निर्माण को लेकर टिमरनी अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) के न्यायालय में मामला विचाराधीन था, जिसके चलते पिछले करीब एक माह से निर्माण कार्य पर स्थगन आदेश (स्टे) लगा हुआ था।
प्रशासनिक आदेश के बाद शुरू हुआ था काम
मामले की सुनवाई करते हुए टिमरनी एसडीएम संजीव कुमार नागू ने दिनांक 8 मई 2026 को एक आदेश जारी किया। इस आदेश के तहत पूर्व में लगाया गया स्थगन (स्टे) समाप्त कर दिया गया था। प्रशासन ने इस शर्त पर निर्माण की अनुमति दी थी कि निस्तार की गली पर ऐसा कोई निर्माण नहीं किया जाएगा जिससे सार्वजनिक आवागमन प्रभावित हो।
पुलिस के सामने ही दबंगों का तांडव
एसडीएम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद मदन लाल राठौर ने अपनी पैतृक भूमि पर पुनः निर्माण कार्य शुरू करवाया। लेकिन, शुक्रवार को अचानक क्षेत्र के कुछ दबंगों ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दबंगों ने दिनदहाड़े गालियां देते हुए जान से मारने की धमकियां दीं।
आशु अन्नू पीलू ढाबा संचालक रहंटगाव के द्वारा इस घटना को अंजाम दिया हैरानी की बात यह रही कि सूचना मिलने पर थाना रहंटगाव पुलिस की टीम मौके पर पहुँची, लेकिन दबंगों के हौसले इतने बुलंद थे कि पुलिस की मौजूदगी में ही उन्होंने छत के लिए लगाई गई सेंटिंग को तोड़ना जारी रखा और निर्माण कार्य में जमकर व्यवधान उत्पन्न किया।
पीडित ने लगाई न्याय की गुहार
पीडित परिवार का कहना है कि जब उनके पास सक्षम न्यायालय के आदेश हैं, तो फिर इस तरह की गुंडागर्दी क्यों की जा रही है? पुलिस की उपस्थिति में तोड़फोड़ होना कानून व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े करता है। फिलहाल क्षेत्र में तनाव का माहौल है और पीडित पक्ष ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

