नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धर्मांतरण का रैकेट चलाने वाले छांगुर के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए उसकी 75 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति को जब्त करने की तैयारी शुरू कर चुकी है। छांगुर की जिन प्रॉपर्टी को जब्त करने की तैयारी की जा रही है उनमे लोनावाला की प्रॉपर्टी भी शामिल हैं।
आपको बता दें कि ईडी ने कुछ दिन पहले छांगुर के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान ईडी की टीम को कई दस्तावेज मिले थे। ईडी की तरफ से की गई इस छापेमारी के बाद जो सीजर मेमो तैयार किया गया है, उसमें बताया गया था कि छापेमारी के लिए टीम बलरामपुर के उतरौला में बाबा ताजुद्दीन बुटीक पर सुबह 5 बजे पहुंची। पूछताछ में पता चला कि इस तीन मंजिला दुकान को छांगुर और उसका बेटा महबूब चलाते हैं।
अधिकारियों ने आसपास के लोगों से दुकान में काम करने वालों के बारे में पूछताछ की थी तो पता चला कि यहां कोई कर्मचारी नहीं था। इसके बाद सर्च की मंजूरी के पेपर्स के आधार पर दुकान का ताला तोड़कर पड़ताल की गई। इस पड़ताल में दुकान कपड़े यहां वहां बिखरे पड़े मिले।
इस दौरान ईडी को कई अहम सबूत हाथ लगे थे। इस छापेमारी में छांगुर और नसीर वाडीलाल के बीच 2017 का एक एमओयू बरामद हुआ था। नीतू और नवीन के धर्मांतरण के दस्तावेज भी मिले थे। रिपब्लिक आफ पनामा में रजिस्टर्ड मेसर्स लोगोस मरीन नाम की कंपनी से नवीन रोहरा के बीच करार के दस्तावेज थे। भवन निर्माण के लिए नीतू और मेसर्स एजी कंस्ट्रक्शन के बीच करार के दस्तावेज भी मिले थे। मेसर्स एजी कंस्ट्रक्शन और नीतू के बीच विवाद से जुड़े कुछ कानूनी दस्तावेज भी थे। आश्वी बुटीक को छांगुर को सौंपने के लिए तैयार एनओसी, नसीर वाडीलाल का छांगुर को दिया पॉवर आॅफ अटॉर्नी,शफीउल्ला, प्रदीप और राजनारायण के बीच साल 2014 में बना एग्रीमेंट भी मिला था। इसके साथ कई अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए थे।

