आपातकाल के लोकतंत्र सेनानी जनाब अब्दुल रज्ज़ाक सा का निधन : हरदा में पूरे सम्मान के साथ दी गयी अंतिम विदाई, आपातकाल के दौरान 19 माह जेल में थे।
हरदा। हरदा के मीसाबंदी एवम जमाते इस्लामे हिन्द में असीर उपाधि प्राप्त खेड़ीपुरा निवासी अब्दुल रज्ज़ाक साहब ‘ असीर’ का आज सुबह 9 बजे इंतकाल हो गया ।
प्रशासन को जानकारी मिलते ही तहसीलदार एवम पुलिस के सशस्त्र जवान उनके निवास पर पहुंचे। उनके जनाजे को तिरंगा एवम पुष्पहार अर्पित कर विदाई दी गयी और सशस्त्र जवानों ने उन्हें सलामी दी। । कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक से पहले पुनः उन्हें पूरे सम्मान के साथ सलामी दी गयी ।
सन 1936 को जन्मे लोकतंत्र सेनानी अब्दुल रज़्ज़ाक़ असीर साहब का आज 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। खेड़ीपुरा निवासी श्री रज्ज़ाक को 1975 में श्रीमती इंदिरा गांधी के कार्यकाल में आपातकाल के दौरान 19 माह तक जेल में रखा गया था।
मालूम हो, भाजपा ने मीसाबंदियों को लोकतंत्र सेनानी की उपाधि प्रदान की है। परिवार से मिली जानकारी में आपातकाल के दौरान सालिगरामजी वकील सा, शिवनारायणजी टाँक, चंद्रगोपालजी सोनी , जनाब मरगूब हुसैन उनके साथी रहे।

