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हरदा: मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग ने जिले के प्रशासनिक अमले की बैठक ली

हरदा। मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की बैठक सोमवार को कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में आयोग के सदस्य एवं पूर्व आईएएस श्री एसएन मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस अवसर पर आयोग के सदस्य श्री मुकेश शुक्ला एवं सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह, कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन, वनमण्डलाधिकारी श्री अनिल चौपड़ा, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमति सविता झानिया, संयुक्त कलेक्टर श्री सतीश राय, सुश्री रजनी वर्मा व श्री संजीव नागू, एसडीएम टिमरनी श्री महेश बड़ोले, एसडीएम हरदा श्री कुमार शानु देवड़िया सहित जिले के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने आयोग की कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी दी तथा श्री एसएन मिश्रा एवं श्री मुकेश शुक्ला ने मध्य प्रदेश पुनर्गठन आयोग के उद्देश्य एवं महत्व के बारे में बताया। बैठक में प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों एवं जन अपेक्षाओं के आधार पर और अधिक जनोन्मुखी एवं सुलभ प्रशासन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तहसील, उपखंड प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन संबंधी मार्गदर्शी सिद्धांतों के बारे में बताया गया। साथ ही आयोग के उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली से संबंधित जानकारी पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत की गई।

बैठक में आयोग के अध्यक्ष श्री मिश्रा ने उपस्थित जिला अधिकारियों से कहा कि जिला मुख्यालय पर अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचने वाले खंड, तहसील, व ग्रामीण नागरिकों को समय पर सुविधाओं व योजनाओं का लाभ मिले यह हम सबका नैतिक दायित्व है। विकसित भारत का संकल्प अंतर्गत जनसंख्या की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए प्रशासनिक व्यवस्था किया जाना है। शासन की मंशा अनुरूप तहसील, उपखण्ड पुनर्गठन यदि प्रस्तावित हो तो वे इस तरह किया जाए ताकि प्रशासनिक सेवाएं जिले के नागरिकों को और अधिक सुगमता से प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि तहसील या उपखण्ड बनाने से पहले उनकी भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या घनत्व, बुनियादी सुविधाएं और प्रशासनिक जरूरत को प्राथमिकता दी जाएगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता का आंकलन कर जिला प्रशासन द्वारा अपने स्तर पर सभी सुझावों को एकत्रित कर आयोग को रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

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आयोग के सदस्य श्री मुकेश शुक्ला ने बैठक में सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसीलदारों से कहा कि वे किसी भी प्रशासनिक इकाई के पुनर्गठन से पहले जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से फीडबैक लेकर आपस में समन्वय स्थापित करें। राजस्व सीमाओं के पुनर्गठन का सुझाव कलेक्टर की और प्रेषित करें। कलेक्टर सभी प्रस्तावों पर विचार करके अपने सुझाव एवं निर्णय से आयोग को अवगत कराएंगे।

आयोग के सचिव श्री अक्षय कुमार सिंह ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि पूर्ण पारदर्शिता के साथ पुनर्गठन के कार्यों का संपादन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुनर्गठन प्रक्रिया में जो भी प्रस्ताव भेजे जाएं वह आम नागरिकों की आवश्यकता के अनुरूप ही तैयार हों। आमजन भी आयोग को सीधे पोर्टल के माध्यम से अपने सुझाव भेज सकते हैं। बैठक में कलेक्टर श्री जैन ने प्रशासनिक इकाईयों के पुनर्गठन के संबंध में अपने सुझाव दिये। उन्होने इस दौरान जिला व खण्ड स्तर पर अधिकारियों की उपयोगिता तथा नागरिकों को सहजता से सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में भी अपने सुझाव दिये। इस दौरान बैठक में उपस्थित वनमण्डलाधिकारी श्री चौपड़ा, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती झानिया सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपने सुझाव दिये।