हरदा : लोकसभा निर्वाचन-2024 की आदर्श आचार संहिता प्रभावशील है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री अनुपम राजन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार आदर्श आचार संहिता के दौरान 1 जून 2024 की शाम 6ः30 बजे तक निर्वाचन के संबंध में किसी भी प्रकार के एग्जिट पोल का आयोजन तथा प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इसके परिणाम का प्रकाशन या प्रचार अथवा किसी भी अन्य तरीके से इसका प्रचार-प्रसार करना पूर्णतः प्रतिबंधित है। उन्होंने बताया कि आयोग की अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि निर्वाचन के दौरान किसी भी प्रकार के ओपिनियन पोल या किसी अन्य मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामलों के प्रदर्शन पर भी पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।
उल्लेखनीय है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126क में यह प्रावधानित किया गया है कि कोई भी व्यक्ति, कोई निर्गम मत सर्वेक्षण नहीं करेगा और किसी निर्गम मत सर्वेक्षण के परिणाम का ऐसी अवधि के दौरान, जो निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में अधिसूचित की जाए, प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रकाशन या प्रचार या किसी भी प्रकार की अन्य रीति से प्रसार भी नहीं करेगा। यदि कोई व्यक्ति इस प्रावधान का उल्लंघन करेगा, तो वह ऐसी अवधि के कारावास से, जो दो वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से, दण्डनीय होगा।
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चौधरी मोहन गुर्जर मध्यप्रदेश के ह्र्दयस्थल हरदा के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार है | आप सतत 17 वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवायें देते आ रहे है। आपकी निष्पक्ष और निडर लेखनी को कई अवसरों पर सराहा गया है |
