मकडा़ई एक्सप्रेस 24 इंदौर। महंगाई से पहले से परेशान आम लोगों पर अब परिवहन विभाग ने अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। इंदौर से आसपास के जिलों के लिए बस का किराया डेढ़ गुना तक बढ़ा दिया गया है। नई दरों के अनुसार अब महू के लिए 46 रुपए, देवास के लिए 74 रुपए और उज्जैन के लिए 112 रुपए देने होंगे। इससे रोजाना नौकरी और पढ़ाई के लिए सफर करने वाले यात्रियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।
रक्षाबंधन पर लाड़ली बहनों की बढ़ी चिंता
रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है। इंदौर-भोपाल आने-जाने वाली महिलाएं अगर 2 बच्चों के साथ सफर करें तो उनका सिर्फ आने-जाने का किराया ही करीब 1000 रुपए तक पहुंच जाएगा। वहीं स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों की जेब पर भी खर्च का बोझ बढ़ गया है। कई यात्रियों ने सवाल उठाया कि जब आमदनी नहीं बढ़ी तो किराया क्यों बढ़ाया गया।
दूर के जिलों के लिए नई दरें
नई सूची के अनुसार अब यात्रियों को इन शहरों के लिए इतना किराया देना होगा:
– धार – 128 रुपए
– खंडवा – 260 रुपए
– खरगोन – 280 रुपए
– बुरहानपुर – 400 रुपए
– झाबुआ – 316 रुपए
– आलीराजपुर – 446 रुपए
5 साल बाद बढ़ा किराया, ऑपरेटर्स की मांग पर फैसला
परिवहन अधिकारियों का कहना है कि बसों का किराया करीब 5 साल बाद बढ़ाया गया है। इस बीच डीजल, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, टैक्स और संचालन लागत लगातार बढ़ती गई है। बस ऑपरेटर्स लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इसी दबाव के बाद नई दरें लागू की गई हैं।
बस ऑपरेटर्स यूनियन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा ने इसे मामूली बढ़ोतरी बताया और कहा कि इससे लागत का थोड़ा सा ही फायदा मिल पाएगा।
न्यूनतम किराया भी बढ़ा
पहले सामान्य बसों का किराया 1.25 रुपए प्रति किलोमीटर और न्यूनतम 7 रुपए था। अब इसे बढ़ाकर 2 रुपए प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। साथ ही न्यूनतम किराया 7 रुपए से बढ़ाकर 10 रुपए तय किया गया है।
शासन के दावों और हकीकत में अंतर
एक तरफ राज्य सरकार राज्य परिवहन निगम को फिर से शुरू कर लोगों को सस्ता और सुविधाजनक सफर देने की बात कर रही है। वहीं दूसरी तरफ यात्री किराए में अचानक बढ़ोतरी कर दी गई। रोजाना सफर करने वाले यात्रियों का कहना है कि लागत बढ़ने का हवाला तो दिया जा रहा है, लेकिन लोगों की आय में कोई इजाफा नहीं हुआ है।
किराया बढ़ने से सबसे ज्यादा असर महू, देवास, उज्जैन और अन्य आसपास के शहरों में रोजाना आने-जाने वाले कामकाजी और विद्यार्थियों पर पड़ेगा।

