कोलकाता: कांचरापाड़ा में ममता बनर्जी के काफिले का विरोध, ‘चोर-चोर’ के नारे और कीचड़-जूते फेंकने का आरोप काफिले को घेरकर किया प्रदर्शन
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 कोलकाता । पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कांचरापाड़ा में विरोध का सामना करना पड़ा। वे एक तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलने गई थीं, जिसकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। इसी दौरान भाजपा समर्थकों ने उनके काफिले को घेर लिया और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए।
काफिले पर कीचड़ और जूते फेंकने का आरोप
आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान काफिले की ओर कीचड़ और जूते फेंके गए। कुछ लोगों ने नारेबाजी करते हुए गाड़ियों को रोकने की कोशिश भी की। इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ गया।
भाजपा ने कहा- माहौल बिगाड़ने गई थीं ममता
भाजपा ने इस दौरे पर सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि ममता बनर्जी कांचरापाड़ा में माहौल खराब करने के इरादे से पहुंची थीं। भाजपा नेताओं का कहना है कि स्थानीय लोगों में नाराजगी है, इसी वजह से लोगों ने स्वतः विरोध किया।
ममता का पलटवार- पुलिस गुंडों को बचा रही
घटना के बाद ममता बनर्जी ने राज्य प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनकी सुरक्षा में लापरवाही हुई और पुलिस प्रदर्शनकारियों को बचा रही थी। ममता ने कहा, “सुरक्षा भूल जाओ। पुलिस गुंडों को बचा रही है। बंगाल गुंडों के हाथ में चला गया है। हम कानूनी कार्रवाई करेंगे।” उन्होंने इस हमले के पीछे भाजपा से जुड़े लोगों का हाथ बताया।
ईंट फेंकने से बाल-बाल बचीं, किया दावा
ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि उनके वाहन पर बड़ी ईंटें फेंकी गईं। उन्होंने कहा कि अगर ईंट सिर पर लग जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा, “मेरा सिर फट जाता। मैं यहीं मारी जाती। पुलिस भाजपा को बचा रही है।”
पुलिस जांच के बाद ही होगी स्थिति साफ
घटना के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। अभी तक पुलिस और प्रशासन की ओर से सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। मामले की जांच के बाद ही यह साफ होगा कि विरोध के दौरान वास्तव में क्या हुआ और काफिले पर हमला किसने किया।

