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इंदौर MD ड्रग्स केस: कोर्ट ने आरोपी कर दिया बरी, यूरिया निकली ड्रग्स

इंदौर। एक साल पहले दो करोड़ की MD ड्रग्स के साथ पकड़े गए दो आरोपियों और उनके कथित सहयोगी पुलिसकर्मी को अब कोर्ट ने बरी कर दिया है। जांच में यह खुलासा हुआ कि जिस पदार्थ को ड्रग्स बताया गया था, वह वास्तव में यूरिया निकला। डीसीपी कृष्ण लालचंदानी ने कहा कि कार्रवाई के समय गिरफ्तारी करने वाली टीम के पास टेस्टिंग किट नहीं थी, इसलिए ड्रग्स को केवल खुशबू और स्वाद के आधार पर जब्त किया गया था।

डीसीपी पर आरोप और गिरफ्तारी का हाल

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अचानक गिरफ्तारी पर आरोपियों के वकील ने तत्कालीन डीसीपी विनोद मीणा पर दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया। घटना साल पहले हुई थी, जब तेजाजी नगर थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो आरोपियों को पकड़ा। उनके सहयोगी, आरक्षक लखन गुप्ता और एक अन्य पुलिसकर्मी को भी आरोपी बनाया गया। सभी आरोपी एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेजे गए। आरोपियों ने लगभग 11 महीने जेल में बिताए, जबकि आरक्षक 15 दिन जेल में रहे।

फोरेंसिक जांच में ड्रग्स नहीं, यूरिया निकला

पुलिस ने जब्त MD ड्रग्स का सैंपल भोपाल सेंट्रल फोरेंसिक लैब में भेजा, जिसमें ड्रग्स के बजाय यूरिया पाया गया। इसके बाद हैदराबाद सेंट्रल लैब से पुनः जांच कराई गई, जिसमें भी परिणाम वही निकला। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ ड्रग्स तस्कर पोटेशियम नाइट्रेट या यूरिया अपने खरीदारों को सप्लाई करते हैं।