खरगोन। प्रदेश के ग्वालियर निवासी अधिवक्ता अनिल मिश्रा की बाबा साहेब को लेकर की गई अमर्यादित टिप्पणी के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के जज पर जुता फेंकने वाले अधिवक्ता के बर्ताव को लेकर गुरुवार बाबा साहेब के अनुयायियों ने आक्रोश दर्ज कराया है। टीआईटी कॉम्पलेक्स परिसर के सामने मुख्य मार्ग पर एकत्रित हुए अनुयायियों ने पुतले पर मिश्रा का पोस्टर लगाकर जुते- चप्पलों से पिटाई कर आग के हवाले किया। अनुयायियों में इस कदर आक्रोश था कि उन्होंने प्रदर्शन में एक सुअर को भी शामिल किया और उसके चेहरे पर मिश्रा का पोस्टर लगाकर नाराजगी जताई।
प्रदर्शन में शामिल रामेश्वर बड़ोले, प्रदीप करोंदिया, एमके गोखले, जीतू वर्मा, ओजस निहाले, अनिल गांगले, अजय भालसे, नितेश आड़तिया आदि ने बताया भारत रत्न बाबा साहब सामाजिक न्याय के प्रतीक है, उनके खिलाफ सार्वजनिक मंच पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए जो अभद्र, अपमानजनक, जातिगत टिप्पणी की है, वह किसी एक धर्म, जाति नही समूचे देश की भावनाओं को आहत करने वाली है। यह देश के नागरिकों के आत्म सम्मान और सामाजिक गरिमा को धूमिल करने का प्रयास है, जिसे बर्दाश्त नही किया जा सकता। अनुयायियों ने पुलिस एवं प्रशासन से मामले में अधिवक्ता पर एट्रोसिटी एक्ट में कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के जज पर जुता फेंकने वाले वकील के खिलाफ भी आक्रोश दर्ज कराते हुए कहा कि यह जज पर नही बल्कि बाबा साहब द्वारा दिए गए संविधान का पालन कराने वाली न्यायिक प्रक्रिया पर हमला किया है।

