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राहत राशि वितरण में घोटाले पर कार्रवाई, खरगोन के कलेक्टर ने सख्ती दिखाई

खरगोन। जिले में सरकारी राहत राशि को निजी लाभ और रिश्तेदारों में बांटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। राहत राशि वितरण में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सिद्ध होने पर कलेक्टर भव्या मित्तल ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने चार सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों को शासकीय सेवा से टर्मिनेट कर दिया है। वहीं, इस पूरे मामले में शामिल निजी ऑपरेटर के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर भव्या मित्तल की गई कार्रवाई के तहत भीकनगांव तहसील में पदस्थ संतोष मंडलोई, भगवानपुरा तहसील के मनीष चौहान- प्रवीण मंडलोई और खरगोन तहसील ग्रामीण के मनोज कदम को सेवा से बर्खास्त किया है। इसके साथ ही निजी ऑपरेटर श्याम सोलंकी के खिलाफ गोगांवा तहसीलदार को कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

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परिवार और रिश्तेदार के नाम राशि डिपॉजिट
महालेखाकार मध्य प्रदेश, ग्वालियर के ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इन कर्मचारियों ने आरबीसी के तहत राहत राशि वितरण में लाखों रुपये की गंभीर अनियमितताएं की हैं। जांच में सामने आया कि भीकनगांव तहसील के संतोष मंडलोई ने अपने बेटे, पत्नी, एक ठेकेदार और ठेकेदार के बेटे के खातों में राहत राशि ट्रांसफर कर दी। इसी तरह भगवानपुरा तहसील के मनीष चौहान ने खुद, पत्नी, पिता और बहन के खातों में सरकारी राशि डलवाई।

प्राइवेट ऑपरेटर की मदद से किया घोटाला
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार प्रवीण मंडलोई और मनोज कदम ने निजी ऑपरेटर श्याम सोलंकी के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की राहत राशि अपात्र व्यक्तियों के खातों में डलवाई। यह पूरा खेल सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग कर किया गया, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 14 के तहत अनुशासनात्मक जांच प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद चारों कर्मचारियों पर नियम 10 के अंतर्गत नियम 9 के तहत दीर्घ शास्ति अधिरोपित की गई और उन्हें शासकीय सेवा से टर्मिनेट कर दिया गया।