LIC Policy : LIC ( Life Insurance Corporation of India ) के जरिए लोगों को कई तरह के प्लान पेश किए जाते हैं. इन प्लान के जरिए लोग लंबे समय तक इंवेस्टमेंट भी कर सकते हैं. साथ ही वित्तीय सुरक्षा भी लोगों के जरिए हासिल की जा सकती है. हालांकि लोगों के एक अहम बात के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए. आइए जानते हैं इसके बारे में…
LIC Policy
आज के वक्त में लोगों के पास इंश्योरेंस होना काफी जरूरी है. लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस दोनों ही काफी फायदा पहुंचाते हैं. वहीं देश में LIC ( Life Insurance Corporation of India ) के जरिए कई प्रकार के इंश्योरेंस प्लान पेश किए जा रहे हैं. ऐसे में लोगों को उसका फायदा भी मिलता है. हालांकि कई बार लोग इंश्योरेंस के पैसे को क्लेम नहीं कर पाते हैं, जिसके बारे में आज हम आपको बताने वाले हैं कि कैसे एलआईसी की राशि को क्लेम किया जा सकता है.
एलआईसी
दरअसल, एलआईसी ( Life Insurance Corporation of India ) के पास कई बार ऐसी पॉलिसियों का अमाउंट पड़ा रहता है जिनके पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है लेकिन उसके परिवार वाले उस अमाउंट को क्लेम नहीं करते, पॉलिसी करवाने के बाद लोग भूल जाते हैं, क्षति पूर्ति का दावा नहीं करते हैं. ऐसे में उस बकाया राशि को भी लोग एलआईसी में क्लेम कर सकते हैं. एलआईसी के जरिए लोगों को पॉलिसीधारक की अनक्लेमड अमाउंट पर क्लेम करने की सुविधा दी जा रही है. इसके लिए एक प्रक्रिया का पालन करना होगा.
ऐसे क्लेम करें अमाउंट
- सबसे पहले एलआईसी ( Life Insurance Corporation of India ) की वेबसाइट पर जाएं.
- एलआईसी की वेबसाइट को स्क्रॉल करके सबसे नीचे आ जाएं.
- वहां Unclaimed Amounts of Policyholders का विकल्प दिया होगा, इस पर क्लिक करें.
- एक नया पेज खुलेगा.
- अब आपको एलआईसी पॉलिसी नंबर, पॉलिसी होल्डर का नाम, जन्म तारीख और पैन कार्ड नंबर की डिटेल देनी होगी.
- पॉलिसी होल्डर के नाम और जन्म तारीख देना अनिवार्य है. इसके बाद सब्मिट बटन पर क्लिक करें.
- इसके बाद अगर कोई बकाया राशि होगी तो उसकी जानकारी सामने आ जाएगी.
Life Insurance Corporation of India आती है दिक्कतें
दरअसल, कई बार Life Insurance Corporation of India पॉलिसीधारक पॉलिसी करवा लेता है और इसकी जानकारी अपने परिवार को नहीं देता है, जिसके बाद परिवार को पॉलिसीधारक की मौत के बाद इस बारे में जानकारी न होने से उनके जरिए क्लेम ही नहीं किया जाता है. वहीं कई बार पॉलिसी से जुड़े दस्तावेज नहीं होने के कारण लोग क्लेम नहीं कर पाते हैं.

