1500 से ज्यादा लोगों की तलाश जारी, कैलाश मानसरोवर यात्रियों से संपर्क टूटा, भारत-नेपाल में हाई अलर्ट
काठमांडू / नई दिल्ली। नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी है। तिब्बत बॉर्डर से लगे रसुवा जिले में भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक आई बाढ़ में अब तक 160 से 210 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 750 से 1500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 130 से अधिक भारतीय शामिल हैं, जिनमें बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालुओं की है।
कैसे आई इतनी भीषण बाढ़…..?
नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक बुधवार 26 अगस्त की सुबह तिब्बत में 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप के महज 3 मिनट बाद बाढ़ की पहली खबर मिली।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर लेंडे नदी के पास अस्थिर पहाड़ी पर हिमस्खलन और ग्लेशियर फटने से एक अस्थायी झील बन गई थी। झील के टूटने से भोटे कोशी नदी में 30 फीट तक पानी का स्तर बढ़ गया और तेज मलबे के साथ पानी रसुवा, धादिंग, नुवाकोट, चितवन, गोरखा और तनहुं जिलों तक फैल गया।
क्या है नुकसान का आंकड़ा….?
1. जान-माल का नुकसान – नेपाल पुलिस के मुताबिक अब तक 157 से 163 शव बरामद किए गए हैं। चीनी अधिकारियों ने तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में 3 मौतों की पुष्टि की है। 33 शव तो घटना स्थल से 150 किलोमीटर दूर चितवन में मिले हैं, इसलिए मौत का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।
2. लापता लोग – नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार कुल 384 से 844 यात्री लापता हैं। इनमें 466 विदेशी नागरिक हैं, जिनमें कम से कम 133 भारतीय, 37 NRI और अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया के पर्यटक शामिल हैं। ट्रैवल एजेंसियों के डेटा के अनुसार यह आंकड़ा 1500 तक पहुंच सकता है।
3. इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह – बाढ़ में 35 पक्के पुल, 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं और 12 से 13 हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सैकड़ों गाड़ियां और घर मलबे में बह गए।
भारतीयों की स्थिति और बचाव अभियान
सबसे ज्यादा चिंता भारतीय यात्रियों को लेकर है। यूपी, तमिलनाडु से 37 और पश्चिम बंगाल से 32 यात्रियों का अब तक पता नहीं चला है। संचार व्यवस्था और सड़क संपर्क टूटने से राहत कार्य में दिक्कत आ रही है।
नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस और नेपाल पुलिस ने 15 हेलीकॉप्टर और 20 NDRF टीमों के साथ बचाव अभियान शुरू किया है। अब तक 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह से बात कर हरसंभव मानवीय मदद का भरोसा दिया है। भारतीय वायुसेना से राहत सामग्री भेजी जा रही है।
हेल्पलाइन नंबर जारी
भारतीय दूतावास ने इमरजेंसी नंबर जारी किए हैं – +977 9851316807 और +977 9709107500 (दोनों WhatsApp पर भी उपलब्ध)। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने टोल फ्री नंबर 1234 और हॉटलाइन 1144 जारी किया है। UP सरकार ने 1070 हेल्पलाइन सक्रिय की है।
नेपाल आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भोटे कोशी और त्रिशूली नदी किनारे रहने वालों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है, क्योंकि झील का पानी अभी पूरी तरह खाली नहीं हुआ है। बिहार और UP के सीमावर्ती जिलों में भी गंडक और नारायणी नदियों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

