5 किमी तक सुनाई दी धमाके की आवाज
अहमदाबाद के शनिवार को एक अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ। इसमें पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। लोगों की मौत ब्लास्ट के बाद लगी आग में जलने से हुई। 10 अन्य लोग भी हुए हैं। रामोल-गात्राड मार्ग स्थित फैक्टरी में अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे विस्फोट हुआ। इस घटना पर राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और पीएम नरेंद्र मोदी दुख व्यक्त किया है।”
मकडाई एक्सप्रेस 24 गुजरात। अहमदाबाद महानगर के महमूदपुरा इलाके में रविवार को एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाके के साथ आग लग गई। धमाका इतना प्रचंड था कि इसकी आवाज 5 किलोमीटर दूर तक सुनी गई।
धमाके के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। झोपड़ों में चल रही फैक्ट्री आग लगने के बाद पूरी तरह मैदान जैसी हो गई। मलबा और बारूद दूर-दूर तक बिखर गया।
अब तक 9 की मौत, 15 से ज्यादा घायल
इस हादसे में अब तक 1 महिला समेत 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
घायलों को तुरंत एलजी अस्पताल और सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य में दमकल की कई गाड़ियां मौके पर जुटी हैं।
प्रशासन मौके पर पहुंचा, CM ने की मुआवजे की घोषणा
घटना की सूचना मिलते ही महापौर हितेश बारोट और नगर आयुक्त बच्छानिधी पाणी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हालात का जायजा लिया और अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
झोपड़ों में चल रही थी अवैध फैक्ट्री
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पटाखा फैक्ट्री रिहायशी इलाके में झोपड़ों के अंदर अवैध रूप से संचालित हो रही थी। बिना लाइसेंस और सुरक्षा मानकों के बारूद और पटाखे बनाए जा रहे थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से इस तरह की अवैध गतिविधियां चल रही थीं। धमाके के बाद पुलिस ने आसपास की अन्य संदिग्ध इकाइयों की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर फैक्ट्री संचालक की तलाश शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम भी मौके पर सबूत जुटा रही है।
गुजरात में पिछले कुछ सालों में पटाखा और केमिकल फैक्ट्रियों में हादसे लगातार सामने आए हैं। खेड़ा और बनासकांठा में भी अवैध पटाखा फैक्ट्रियों में धमाके हो चुके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि रिहायशी इलाकों में बिना सुरक्षा के ये इकाइयां कैसे चल रही थीं।
प्रशासन ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे शहर में अवैध पटाखा इकाइयों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।

