भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का 12 दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। सत्र में कांग्रेस, मोहन यादव सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और वित्तीय संकट जैसे मुद्दों पर सरकार से सवाल करेगी। सत्र में 10 बैठकें होंगी। तीन विधेयक और एक अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा।
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन, कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर विरोध जताया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने पूर्व विधायकों और अन्य दिवंगत व्यक्तियों को श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित कर दी गई। सत्र में अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा और तीन सरकारी विधेयक भी प्रस्तुत किए जाएंगे।विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद पूर्व विधायक राजा सुरेंद्र बहादुर सिंह, रघुनाथ चौधरी, शंकर लाल मुन्नाखेड़ी, सरदार सुखदेव सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय कुमार रुपाणी, फिल्म अभिनेता मनोज कुमार, लोक कलाकार रामसहाय पांडे को श्रद्धांजलि दी। पहलगाम आतंकी हमले और अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे के मृतकों को भी श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा के नेता विपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस विधायकों के साथ विधानसभा परिसर में स्थित गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। वह ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने और जातिगत जनगणना में पारदर्शिता को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सभी विधायकों के हाथों में सांकेतिक गिरगिट लगे थे। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार को गिरगिट से ज्यादा रंग बदलने वाला बताया।
विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने सत्र से पहले पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई। इसमें मुद्दों पर चर्चा हुई और सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई। सिंघार ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार, आदिवासियों को जमीन से बेदखल करना, भ्रष्टाचार, नशीली दवाओं का दुरुपयोग, खाली पदों पर भर्ती, जाति जनगणना और OBC आरक्षण जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे।
कांग्रेस ने इस सर्कुलर की आलोचना करते हुए कहा कि यह असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास है।

