जानिए क्या परीक्षार्थियों के लिए नियम और ‘नो-एग्जिट’ अलर्ट
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं कल, 10 फरवरी 2026 से शुरू हो रही हैं। इस वर्ष परीक्षा को पूरी तरह नकलमुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। परीक्षा केंद्र पर पहुँचने वाले लगभग 17 लाख छात्रों के लिए मंडल ने इस बार विशेष ‘अलर्ट’ जारी किया है, जिसका उल्लंघन करने पर परीक्षा निरस्त की जा सकती है।
पहले 2 घंटे तक केंद्र से बाहर जाने पर पाबंदी
मंडल द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, परीक्षा शुरू होने के पहले दो घंटे तक किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह कड़ा नियम प्रश्नपत्र लीक होने की संभावनाओं और नकल की घटनाओं को रोकने के लिए लागू किया गया है। यदि कोई छात्र आपातकालीन स्थिति के बिना समय से पहले बाहर निकलता है, तो उसका प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका जब्त कर ली जाएगी और संबंधित विषय की परीक्षा निरस्त मानी जाएगी।
डिजिटल निगरानी: CCTV और जैमर्स का पहरा
परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा को इस बार ‘थर्ड आई’ यानी डिजिटल सर्विलांस के हवाले किया गया है:
CCTV निगरानी- प्रदेश के 226 संवेदनशील और अति-संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव फीड सीधे भोपाल स्थित मुख्यालय से मॉनिटर की जाएगी।
जैमर्स का उपयोग– लगभग 700 केंद्रों पर मोबाइल नेटवर्क जैमर्स लगाए गए हैं ताकि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का दुरुपयोग न हो सके।
मोबाइल ऐप- प्रश्नपत्रों के परिवहन और वितरण की निगरानी के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है।
परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
रिपोर्टिंग समय– छात्रों को सुबह 8:00 बजे तक केंद्र पर पहुँचना अनिवार्य है। सुबह 8:45 के बाद प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अनिवार्य दस्तावेज- परीक्षार्थियों को अपने साथ मूल प्रवेश पत्र (Admit Card) और स्कूल आईडी या सरकारी पहचान पत्र लाना अनिवार्य है।
प्रतिबंधित सामग्री- मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार की चिट ले जाना सख्त मना है। अनुचित सामग्री पाए जाने पर ‘नकल प्रकरण’ (UFM) दर्ज किया जाएगा।

