नजूल भूमि पर निर्मित 12 दुकानों की नीलामी नियम विरुद्ध कर रही है नगर परिषद टिमरनी , आरक्षण नियमों का नहीं हो रहा है पालन
टिमरनी नगर परिषद द्वारा स्टेशन बस्ती रोड पर सड़क किनारे नजूल सीट क्रमांक 12 डी प्लॉट नंबर 25 मध्य प्रदेश शासन नजूल प्रबंधक लोक निर्माण विभाग की भूमि पर पिछले दिनों 12 दुकानों का निर्माण किया है जिसकी निविदा सूचना नगर परिषद कार्यालय के पत्र क्रमांक 974 972 दिनांक 7.10.2026
के अनुसार लगाई गई है उक्त निविदा पर एवं उसकी नीलामी प्रक्रिया पर पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने कई सवाल खड़े किए हैं तथा नगर परिषद पर नियम विरुद्ध नीलामी का आरोप लगाते हुए अचल संपत्ति अंतरण अधिनियम 2016 के उल्लंघन का आरोप लगाया है उन्होंने जिला प्रशासन से एवं स्थानीय प्रशासन से इस नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है क्योंकि नगर परिषद ने जिस प्रक्रिया के तहत नीलामी लगाई है उससे समाज के अनुसूचित जाति,
पिछड़ा वर्ग दिव्यांग एवं महिलाओं को कोई लाभ नहीं मिल रहा है जबकि नियमानुसार उक्त सभी वर्गों को इसमें मौका दिया जाना चाहिए था परंतु नगर परिषद टिमरनी ने 12 दुकानों में से सिर्फ दो दुकान ही अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित की है शेष दुकान अनारक्षित है इससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि नगर परिषद अन्य वर्गों की अनदेखी करते हुए चंद्पूंजी पतियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह नीलामी कर रही है ।
जिस भूमि पर दुकानें बनी है वह नगर पालिक परिषद के स्वामित्व की नहीं है
जायसवाल ने आरोप लगाया कि जिस भूमि पर नगर परिषद ने 12 दुकानें बनाई है वह भूमि नगर परिषद की नहीं है नजूल की भूमि है नगर परिषद ने सक्षम अधिकारी से इसके लिए कोई अनुमति नहीं ली है जिस भूमि पर दुकानें बनी है जब उसपर नगर परिषद का स्वामित्व ही नहीं है तो फिर नगर परिषद 30 वर्षों की लीज पर कैसे नीलाम कर सकती है।
आरक्षण प्रक्रिया का नहीं किया गया है पालन
दुकानों के आरक्षण को लेकर पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने आरोप लगाया है कि आरक्षित वर्ग को फायदा ना मिले इसलिए नगर परिषद ने उक्त दुकानों की पृथक पृथक नीलामी लगाई है जो कि गलत है एवं समाज के कमजोर वर्गों के साथ अन्याय है नगर परिषद जानबूझकर ऐसी वर्गों को नीलामी से दूर रखना चाहती है ।
जायसवाल ने इस मामले में जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए नीलामी प्रक्रिया को रोकने,एवं स्वामित्व संबंधी जांच की मांग की है तथा आरक्षण प्रावधानों के उल्लंघन पर जिम्मेदारों पर कार्यवाही की मांग की है।

