नियम के तहत कैश ट्रांजैक्शन, प्रॉपर्टी और वाहन खरीद में हुए बड़े बदलाव
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 नई दिल्ली । मोदी सरकार ने इनकम टैक्स सिस्टम को सरल बनाने और डिजिटल पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 1 अप्रैल 2026 से नए पैन कार्ड नियम लागू कर दिए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम आदमी की जेब और रोजमर्रा के वित्तीय लेनदेन पर पड़ेगा।
1. पैन कार्ड आवेदन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
अब पैन कार्ड बनवाना पहले जितना सरल नहीं रहेगा। सरकार ने आधार कार्ड के जरिए मिलने वाली ‘Instant e-PAN’ सेवा को समाप्त कर दिया है।
अनिवार्य दस्तावेज:- अब आधार के साथ-साथ जन्मतिथि (DOB) का पुख्ता प्रमाण देना होगा।
स्वीकार्य प्रूफ:- 10वीं की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र या वोटर आईडी देना अब जरूरी है। साथ ही, अब आपको नए प्रारूप वाले आवेदन फॉर्म भरने होंगे।
2. नाम की विसंगति पर पैन होगा अमान्य
पैन और आधार के बीच डेटा मिलान को बेहद सख्त कर दिया गया है। यदि आपके पैन कार्ड और आधार कार्ड पर नाम की स्पेलिंग एक जैसी नहीं है, तो 1 अप्रैल 2026 से आपका पैन कार्ड तकनीकी रूप से अमान्य (Invalid) माना जाएगा। ऐसे कार्ड से किसी भी प्रकार का वित्तीय लेनदेन करना संभव नहीं होगा।
3. कैश ट्रांजैक्शन की सीमा में भारी राहत
छोटे व्यापारियों के लिए यह सबसे बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने दैनिक सीमा को खत्म कर वार्षिक सीमा तय की है:
नई सीमा:- अब एक वित्तीय वर्ष में ₹10 लाख से अधिक की नकद जमा या निकासी पर ही पैन देना होगा।
पुरानी सीमा:- पहले ₹50,000 से अधिक के दैनिक जमा पर पैन अनिवार्य था, जिसे अब हटा दिया गया है।
4. वाहन खरीद (Automobiles) के नए नियम
गाड़ी खरीदने के शौकीनों के लिए अब नियम उनकी जेब के हिसाब से तय होंगे:
₹5 लाख से अधिक:- केवल उन्हीं वाहनों पर पैन अनिवार्य होगा जिनकी कीमत ₹5 लाख से ज्यादा है।
सस्ते वाहन:- कम कीमत वाली बाइक या पुरानी गाड़ियां खरीदने पर अब पैन कार्ड की झंझट नहीं रहेगी। पहले चार पहिया वाहनों के लिए यह हर कीमत पर अनिवार्य था।
5. होटल बिल और आयोजनों पर बढ़ी लिमिट
शादी-ब्याह या पार्टियों के खर्च को अब पैन से थोड़ी राहत मिली है:
नई लिमिट:- होटल, रेस्टोरेंट या इवेंट मैनेजमेंट को ₹1 लाख से अधिक का भुगतान करने पर ही पैन देना होगा।
👉🏻राहत:- पहले यह सीमा ₹50,000 थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है।
6. प्रॉपर्टी और रियल एस्टेट लेनदेन
“बढ़ती महंगाई और जमीन की कीमतों को देखते हुए सरकार ने प्रॉपर्टी नियमों में बदलाव किया है”
₹20 लाख की सीमा:-अब ₹20 लाख से अधिक मूल्य की संपत्ति खरीदने, बेचने या गिफ्ट देने पर ही पैन नंबर दर्ज करना होगा।
इससे छोटे प्लॉट या ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन खरीदने वालों को कागजी कार्रवाई में आसानी होगी।
7. इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए पैन अनिवार्य
पेन कार्ड को बीमा क्षेत्र में अब पारदर्शिता हेतु प्राथमिकता दी गई है। अब कोई भी बीमा पॉलिसी (Life or General) लेने के लिए पैन कार्ड देना अनिवार्य है, चाहे प्रीमियम की राशि कितनी भी कम क्यों न हो।
बीमा कंपनियों के साथ अब एक ‘अकाउंट-बेस्ड रिलेशनशिप’ बनाना होगा, जिससे आपकी सभी पॉलिसियां एक ही प्रोफाइल से लिंक रहेंगी।
8. क्रिप्टो और डिजिटल एसेट पर सख्त निगरानी
डिजिटल निवेश करने वालों के लिए नियम कड़े कर दिए गए हैं। क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए अब अनिवार्य है कि वे अपने ग्राहकों के लेनदेन की पूरी रिपोर्ट आयकर विभाग को सौंपें। साथ ही, डिजिटल करेंसी को अब आधिकारिक तौर पर ‘इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट’ की श्रेणी में रख दिया गया है।
यदि आपके पैन और आधार में कोई गलती है, तो उसे तुरंत सुधरवा लें ताकि आपके बैंकिंग और निवेश कार्यों में कोई रुकावट न आए।

