शिक्षा की दुर्दशा: सिराली के शासकीय महाविद्यालय में हाहाकार, फुटकर व्यापारी संघ और जयस ने खोला मोर्चा
फुटकर व्यापारी संघ व जयस ने चेताया— मांगें नहीं मानी गईं तो होगा उग्र आंदोलन
हरदा। सिराली के शासकीय महाविद्यालय में शैक्षणिक अव्यवस्थाओं, स्टाफ की भारी कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव के खिलाफ फुटकर व्यापारी संघ सिराली और जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने मोर्चा खोल दिया है। दोनों संगठनों ने संयुक्त रूप से तहसीलदार सिराली को ज्ञापन सौंपकर महाविद्यालय की गंभीर समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि शासकीय महाविद्यालय सिराली को संचालित हुए लगभग 10 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज तक यहां आवश्यक शैक्षणिक संसाधन, नियमित व्याख्याता और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इसका सीधा असर ग्रामीण और आदिवासी अंचल से आने वाले छात्र-छात्राओं की शिक्षा पर पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थी शहरों के महाविद्यालयों में प्रवेश नहीं ले पाते, जिससे कई होनहार छात्र-छात्राएं पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
कॉमर्स और अर्थशास्त्र में स्टाफ का अभाव
ज्ञापन में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि महाविद्यालय में कॉमर्स विषय में आज तक एक भी व्याख्याता की नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे इस विषय की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित है। वहीं अर्थशास्त्र विषय में भी लंबे समय से व्याख्याता का पद रिक्त है। इसके अतिरिक्त मैथ्स और साइंस जैसे महत्वपूर्ण विषय अब तक प्रारंभ नहीं किए गए हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों को दूर-दराज के महाविद्यालयों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं बदहाल
संगठनों ने कॉलेज परिसर की खराब स्वच्छता व्यवस्था पर चिंता जताते हुए बताया कि पर्याप्त चौकीदारों की नियुक्ति नहीं होने से सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। साथ ही छात्र संख्या अधिक होने के बावजूद सुरक्षा कर्मियों की कमी बनी हुई है, जिससे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा हो रहा है।
पुस्तकालय और खेल मैदान भी उपेक्षित
ज्ञापन में पुस्तकालय में पर्याप्त पुस्तकों की अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया गया है। वहीं कॉलेज का खेल मैदान ऊबड़-खाबड़ और जर्जर अवस्था में है, जिसे समतल कर विकसित किए जाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें—
– सभी रिक्त पदों पर शीघ्र व्याख्याताओं की नियुक्ति
– कॉमर्स विषय में तत्काल व्याख्याता की पदस्थापना
– अर्थशास्त्र विषय में व्याख्याता की नियुक्ति
– मैथ्स और साइंस विषयों को शीघ्र प्रारंभ किया जाए
– कॉलेज परिसर में कम से कम दो चौकीदारों की नियुक्ति
– छात्र संख्या के अनुसार दो सुरक्षा कर्मियों की तैनाती
– पुस्तकालय में पर्याप्त पुस्तकों की उपलब्धता
– कॉलेज प्रबंधन को पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए
– जर्जर खेल मैदान को समतल कर विकसित किया जाए
आंदोलन की चेतावनी
जय आदिवासी युवा शक्ति और फुटकर व्यापारी संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो छात्र-छात्राओं के हित में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ये रहे उपस्थित पदाधिकारी
ज्ञापन सौंपने के दौरान फुटकर व्यापारी संघ की ओर से अध्यक्ष शेख असलम, जिला मीडिया प्रभारी शिवम सोनी, आशीष योगी, आनंद सिंदा सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। जय आदिवासी युवा शक्ति की ओर से जिला अध्यक्ष सत्यनारायण सुचार, जिला कोषाध्यक्ष शैतान सिंह उईके, ब्लॉक प्रभारी गोविंद उईके, वरिष्ठ कार्यकर्ता चैन सिंह उईके, महेश कुमार, राजेश धुर्वे, दशरथ उईके, देवी सिंह सेजकर और संगठन के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। जय संगठन कवि के पदाधिकारी में जयंत सोनी, रोहित शर्मा, और अनीश पांडे उपस्थित थे।

