वॉशिंगटन। अमेरिकी राज्य जॉर्जिया में स्थित हुंडई के एक विशाल इलेक्ट्रिक कार निर्माण प्लांट में गत दिवस हुई बड़ी इमिग्रेशन छापेमारी ने सनसनी फैला दी। ट्रंप प्रशासन की ओर से यह हाल के वर्षों का सबसे बड़ा अभियान बताया जा रहा है। इसमें 475 मजदूर गिरफ्तार किए गए, जिनमें से 300 से अधिक दक्षिण कोरियाई नागरिक हैं। जानकारी अनुसार फेडरल एजेंट्स की यह छापेमारी इतनी बड़ी थी कि इसमें 500 से अधिक अधिकारी तैनात किए गए। अचानक हुई रेड से फैक्ट्री में भगदड़ मच गई। कुछ मजदूर भागकर सीवेज तालाब तक पहुंचे, तो कुछ एयर डक्ट में छिप गए। लेकिन एजेंटों ने तेजी से काम करते हुए उन्हें पकड़ लिया और दीवार के सहारे कतार में खड़ा कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट में एक मजदूर के हवाले से बताया गया, कि एजेंट्स ने पूरी साइट को अपने कब्जे में ले लिया और ऐसा माहौल बना मानो कोई युद्ध चल रहा हो। सभी कर्मचारियों से पूछताछ की गई कि वे कानूनी रूप से अमेरिका में हैं या नहीं।
हथकड़ियां और पैरों में जंजीर
रेड की तस्वीरों और वीडियो में देखा गया कि एजेंट्स मजदूरों के हाथों में हथकड़ी और पैरों में जंजीर डालकर उन्हें ले जा रहे हैं। यह दृश्य उतना ही भयावह था जितना कुछ महीने पहले भारतीयों को हिरासत में लेने के दौरान देखने को मिला था, जब उन्हें भी जंजीरों में बांधकर निर्वासित किया गया था।

