जयपुर। राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के चुनाव परिणामों में झालावाड़ जिले से कांग्रेस के लिए बड़ी सफलता सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और सांसद दुष्यंत सिंह के राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्र में कांग्रेस ने बीजेपी को बड़ा झटका देते हुए झालावाड़ नगर परिषद पर कब्जा कर लिया है।
झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत
झालावाड़ नगर परिषद के कुल 45 वार्डों में कांग्रेस ने 29 वार्डों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। बीजेपी को 13 वार्डों में सफलता मिली, जबकि 2 वार्डों में निर्दलीय और 1 वार्ड में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी विजयी रहे।
इससे पहले नगर परिषद में बीजेपी का बोर्ड था, लेकिन इस बार कांग्रेस ने सत्ता परिवर्तन करते हुए नगर परिषद पर अपना कब्जा जमा लिया।
बीजेपी के पूर्व सभापति के वार्ड में भी हार
चुनाव परिणामों में वार्ड नंबर 39 का मुकाबला भी चर्चा में रहा। यहां पिछले बोर्ड के बीजेपी सभापति संजय शुक्ला के पुराने वार्ड में भी बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस प्रत्याशी इस्लाम खान ने 481 वोट हासिल कर बीजेपी के बृजेश को 296 वोटों से पराजित किया।
जिले की 8 निकायों में कांग्रेस 4, बीजेपी 3 पर आगे
झालावाड़ जिले की कुल 8 नगरीय निकायों के परिणामों में कांग्रेस ने 4 निकायों में पूर्ण बहुमत हासिल किया। इनमें:
झालावाड़ नगर परिषद
भवानी मंडी
खानपुर
डग
वहीं बीजेपी ने:
झालरापाटन
अकलेरा
मनोहरथाना
में जीत दर्ज की।
पिड़ावा नगरपालिका में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। यहां आम आदमी पार्टी ने 5 सीटें जीतकर अपनी भूमिका महत्वपूर्ण बना ली है।
वसुंधरा राजे के गढ़ में बदले सियासी समीकरण
झालावाड़-बारां लोकसभा क्षेत्र लंबे समय से वसुंधरा राजे परिवार का मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता रहा है। उनके बेटे दुष्यंत सिंह लगातार पांच बार से सांसद हैं, जबकि इससे पहले वसुंधरा राजे भी इस क्षेत्र से पांच बार सांसद रह चुकी हैं।
ऐसे में झालावाड़ नगर परिषद के 45 में से 29 वार्डों में कांग्रेस की जीत को स्थानीय राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक स्तर पर प्रत्याशी चयन, अंदरूनी असंतोष और गुटबाजी को बीजेपी के कमजोर प्रदर्शन की संभावित वजह माना जा रहा है।
2028 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बढ़त
झालावाड़ में कांग्रेस की यह जीत आगामी 2028 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त मानी जा रही है। वहीं बीजेपी के लिए अपने मजबूत क्षेत्र में संगठन और स्थानीय नेतृत्व की समीक्षा का संदेश भी माना जा रहा है।
झालावाड़ के निकाय चुनाव परिणामों ने जिले के स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव ला दिया है।

