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6 माह में ही गड्ढों में बदली 106 करोड़ की सड़क, कोर्ट ने केन्द्र सरकार को दिया रखरखाव का आदेश

इन्दौर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला एवं जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ ने सेंधवा के सामाजिक कार्यकर्ता व अधिवक्ता बीएल जैन द्वारा बांकानेर घाट पर 106 करोड़ की लागत से बनी सड़क छह माह में ही गड्ढों में तब्दील होने के चलते दायर जनहित याचिका का सुनवाई उपरांत निराकरण करते केंद्र सरकार को निर्देश दिए कि सड़क का रखरखाव नियमानुसार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में सड़क की स्थिति फिर बिगड़ती है तो याचिकाकर्ता दोबारा जनहित याचिका दायर कर सकता है। याचिका सुनवाई दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक तुगनावत ने कोर्ट को बताया कि गणेश घाट क्षेत्र में बीते वर्षों में लगातार हो रही दुर्घटनाओं में 450 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इन्हीं हादसों को देखते हुए वैकल्पिक मार्ग का निर्माण किया गया था, लेकिन छह माह में ही सड़क की हालत खराब हो गई। वर्तमान में की गई मरम्मत स्थायी समाधान नहीं है और राइडिंग सरफेस ठीक न होने से आवागमन बाधित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन चालक प्रति किमी टोल चुकाने के बावजूद सुरक्षित और सुगम सड़क से वंचित हैं। वहीं केंद्र सरकार की ओर से मुंबई के वरिष्ठ अधिवक्ता एनव्ही कीनी ने न्यायालय के समक्ष उपस्थित हो बताया कि उक्त मार्ग ठेकेदार द्वारा पांच वर्ष की गारंटी पर बनाया गया है। जहां-जहां सड़क खराब हुई थी, वहां मरम्मत कार्य करा दिया गया है। जिसके बाद न्यायालय ने केंद्र सरकार को निर्देश दिए कि सड़क का रखरखाव नियमानुसार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में सड़क की स्थिति फिर बिगड़ती है तो याचिकाकर्ता दोबारा जनहित याचिका दायर कर सकता है।