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रुपया 18 पैसे टूटकर 87.76 प्रति डॉलर पर

 मुंबई।  भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बढ़ते तनाव के बीच रुपया शुक्रवार को पहली बार 88 के स्तर को पार कर गया। यह 61 पैसे की भारी गिरावट के साथ 88.19 (अस्थायी) प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिका के भारी शुल्क लगाने, विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और महीने के अंत में अमेरिकी डॉलर की मांग से रुपया लगातार दबाव में है। इसके अलावा, घरेलू शेयर बाजारों में नकारात्मक रुख ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 87.73 पर खुला। फिर लुढ़कर 88.33 प्रति डॉलर के निचले स्तर पर आ गया। अंत में 88.19 (अस्थायी) प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 61 पैसे की भारी गिरावट है। रुपया बृहस्पतिवार को 11 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 87.58 पर बंद हुआ था।

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यह पहली बार है जब रुपया 88 प्रति अमेरिकी डॉलर के स्तर को पार कर गया है। रुपया 10 फरवरी 2025 को कारोबार के दौरान 87.95 प्रति डॉलर पर पहुंचा था। वहीं पांच अगस्त 2025 को रुपया, डॉलर के मुकाबले 87.88 पर बंद हुआ था। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक (मुद्रा एवं कमोडिटी) अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘ हमारा अनुमान है कि रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा क्योंकि अमेरिका के भारत पर अतिरिक्त व्यापार शुल्क लगाने से भारत के व्यापार घाटे को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। कमजोर घरेलू बाजार एवं विदेशी पूंजी की बिकवाली के दबाव से रुपये पर और दबाव पड़ सकता है।” चौधरी ने कहा, ‘‘…डॉलर-रुपये के हाजिर मूल्य के 87.90 से 88.70 के बीच रहने का अनुमान है।”

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 97.94 पर आ गया। घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 270.92 अंक की गिरावट के साथ 79,809.65 अंक और निफ्टी 74.05 अंक फिसलकर 24,426.85 अंक पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 68.10 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 3,856.51 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।