सौतेली मां ने करोड़ो की भूमि सिराली के व्यापारियों को बेची ! बेटी ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत की ! सिराली पुलिस बोली जांच चल रही ! बेटी बोली मेरा सौतेला भाई भी पागल है। मां ने करोड़ो की जमीन कौड़ियों में बेच दी।
हरदा। सिराली घोर कलयुग कहे कि लोग इतने स्वार्थी हो गए कि अब रिश्ते सिर्फ निजी स्वार्थ तक सिमट कर रह गए। ऐसा ही एक मामला जिले के सिराली में सामने आया। जहा एक बेटी ने हरदा एसपी कार्यलय पहुंचकर एक लिखित शिकायत आवेदन देते हुए अपनी सौतेली मां पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। बेटी ने लिखित शिकायत में कहा कि पिता की मृत्यु के बाद सौतेली मां ने धोखे से जमीन बेच दी। बेटी योगेश्वरी पाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे पिता की 4 एकड़ भूमि खुदिया रोड पर थी।
उक्त संपत्ति को मेरी मां दुर्गावती पाल ने मुझे बिना बताए। सिराली के शैतान सिंह सिंदा को बेची ओर उसी माह उसने भी वो जमीन प्रकाश सोमानी एक व्यापारी को बेच दी। फिलहाल इस मामले में सिराली पुलिस जांच में जुटी हुई है। देखना होगा कि क्या सिराली पुलिस बेटी को इंसाफ दिला पायेगी।
चर्चाओं का बाजार गर्म
इधर सूत्रों की माने तो बेटी की शिकायत के बाद सौतेली मां ने सिराली थाने में एक लिखित शिकायत दी थी । जिसमें उसने डरा धमकाकर जमीन लेने का आरोप सिराली के दो व्यापारियों सहित एक अन्य व्यक्ति पर लगाया था। जिसकी चर्चा पूरे सिराली में आठ दिनों तक चलती रही। उक्त मामले में बड़े लेनदेन की बात भी चर्चा का विषय बनी। वहीं सिराली पुलिस ने इस प्रकार की कोई भी शिकायत नहीं मिलने की बात कही है। फिलहाल बेटी की शिकायत पर जांच चलने की बात कही है।
इनका कहना है।
अभी पुलिस जांच कर रही है। सभी के बयान लिए जा रहे है। जांच उपरांत आगे की कार्यवाही की जावेगी।
हेमंत पांडे एसआई थाना सिराली
क्या है। शिकायत आवेदन ,,,
श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय
पुलिस अधीक्षक कार्यालय हरदा
विषयः- सौतेला मां दुगार्वती पाल ने अपने मासिक रुप से अविकसित पुत्र के साथ मिलकर रामभरोस पाल के वैधानिक पुत्री की संपत्ती शैतानसिंह को विक्रय करने बावत्।
उपरोक्त विषयान्तर्गत निवेदन है, कि मैं आवेदक योगेश्वरी पाल आ. रामभरोस पाल तहसील सिराली जिला हरदा का स्थाई निवासी हूं तथा मेरा विवाह वर्ष 2000 में बैतूल में हुआ था। में रामभरोस पाल की पहली पत्नी सुशीला पाल थी। उनका देहांत हो गया था। उसके बाद पिता रामभरोस पाल ने दूसरी शादी दुर्गावती उर्फ पूर्णिमा पाल से की थी।
यह, कि मेरे पिता की संपत्ती खसरा नंबर 57/2 रकबा 1.619 हेक्टेयर यानी 4 एकड़ स्थित ग्राम खुदिया तहसील सिराली जिला हरदा में स्थित थी। चूंकि मेरे पिता की यह संपत्ती थी इसलिये मेरा इस पर अधिकार था।
यह, कि मेरे पिता की संपत्ती को मेरी दूसरी मां यानी रामभरोस पाल की दूसरी पत्नी दुर्गावती ने अपने मानसिक रूप से अविकसित पुत्र दैदिप्य पाल के नाम करा ली और यह संपत्ती को शैतानसिंह को विक्रय कर दिया। जबकि पिता की मृत्यु उपरांत इस संपत्ती पर मेरा पूर्णताः अधिकार था।
यह, कि दुर्गावती पाल द्वारा उपरोक्त वर्णित संपत्ती में मेरा नाम धोखाधड़ी कर काटकर स्वंय के मानसिक रुप से अविकसित पुत्र दैदिप्य पाल के नाम से करा ली और यह भूमि शैतानसिंह राजपूत को विक्रय कर दी गई।
यह, कि मेरा नाम काटकर पूर्णिमा पाल द्वारा धोखाधड़ी की गई और पिता की संपत्ती को विकय कर दी गई। दैदिप्य पाल रामभरोस पाल याने मेरे पिता की दूसरी पत्नी मेरी सौतीली मां दुर्गावती का पुत्र है और पूर्ण रुप से मानसिक स्वस्थ है। दैदिप्य पाल ने अपनी मां पूर्णिमा पाल के साथ मिलकर शैतान सिंह को 4 एकड़ कृषि भूमि की विकी की थी। इसके एक माह बाद शैतान सिंह ने प्रकाश सोमानी नाम के एक आदमी को यह भूमि विक्रय कर दी थी।
अतः श्रीमान से निवेदन है, कि दुर्गावती पाल उर्फ पूर्णिमा पाल द्वारा धोखाधड़ी कर मेरे पिता की संपत्ती को अपने पुत्र दैदिप्य पाल के साथ मिलकर विक्रय किया हैं जिस हेतु में दुर्गावती पाल और शैतान सिंह राजपूत के खिलाफ थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराना चाहती हूं। यही निवेदन है।
आवेदिका
योगेश्वरी पाल

